
मास्टर प्लान का ड्राफ्ट, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
Bhopal news:मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने 1 सितंबर को खंडवा के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसके साथ देवास, मंदसौर और बड़वानी का प्लान भी बनाकर एप्रूवल के लिए सरकार के पास भेज दिए गए हैं। इस प्रकार सरकार छोटे शहरों के मास्टर प्लान तो लागू कर रही है लेकिन बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर, जबलपुर के नए प्लान ठंडे बस्ते में पड़े हुए हैं। प्रदेश में अभी तक केवल 89 शहरों के मास्टर प्लान ही बन पाए हैं। इनमें भी केवल 27 शहरों के नए मास्टर प्लान लागू हुए हैं।
प्रदेश के 41 शहरों में मास्टर प्लान के ड्राफ्ट प्रकाशित हुए हैं लेकिन इन्हें सरकार लागू नहीं कर पाई। जबकि 30 शहरों में पुराने मास्टर प्लान से ही काम चलाया जा रहा है। जबकि बड़े शहरों में तेजी से अनियोजित विकास बढ़ रहा है। इससे इन शहरों के रहवासी यातायात, जलभराव, अतिक्रमण, प्रदूषण, गंदगी जैसी तमाम समस्याओं से जूझ रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार राजधानी में बड़े पैमाने पर रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सीलिंग से व्यापारी वर्ग भी परेशान है। आए दिन व्यापारी प्रदर्शन कर रहे हैं बाजार बंद कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश राजधानियों के लिए होने के कारण फिलहाल इससे भोपाल ही प्रभावित है लेकिन भविष्य में इंदौर और जबलपुर में भी यह समस्या पहुंचना तय है। भोपाल में जहां 21 साल पुराने मास्टर प्लान से काम चलाया जा रहा है वहीं इंदौर और जबलपुर में 2021 के बाद नया प्लान नहीं आ पाया है। सरकार द्वारा बार-बार मास्टर प्लान लागू करने की तिथियां तो घोषित कर दी जाती हैं, लेकिन लागू नहीं हो पाता।
भोपाल में तो दो बार प्रारूप प्रकाशन और दावे-आपत्तियों के बाद भी नया मास्टर प्लान लागू नहीं हो पाया है। इन शहरों में उद्योग, शैक्षणिक और व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ने के कारण बड़ी संख्या लोग यहां पहुंच रहे हैं। लेकिन आधुनिक तरीके से प्लानिंग नहीं होने से रहवासियों से लेकर व्यापारी और उद्योग भी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। नगरीय विकास और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों ने बताया कि अभी सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को सीलिंग वाले मामले की सुनवाई है। इसके बाद भोपाल के मास्टर प्लान पर विचार किया जाएगा। सभी अधिकारियों ने भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान तैयार होने लेकिन इसके बारे में उच्च स्तर पर बात करने की बात कही।
ग्वालियर मास्टर प्लान-2035, उज्जैन 2035, दतिया 2035, डबरा 2031, गुना 2035, शिवपुरी 2035, कुक्षी 2031, सागर 2035, छतरपुर 2035, टीकमगढ 2031, खजुराहो 2031, मैहर 2031, बांधवगढ़ 2031, पांढुर्णा 2031, हरदा 2031, नर्मदापुरम 2035, इटारसी 2031, बैतूल 2035, आगर मालवा 2041, शुजालपुर 2031, मंडीदीप 2031, सिरोंज 2031, गंजबासौदा 2031, राजगढ़ 2031, आलोट 2031, जावरा 2031, हनुवंतिया 2035
रीवा 2035, सतना 2035, शहडोल 2035, चित्रकूट 2031, नर्मदापुरम 2035, पिपरिया 2021, मढ़ई 2021 मुरैना 2035, छिंदवाड़ा 2035, सिवनी 2035, बालाघाट 2035. अशोकनगर 2035, चंदेरी 2031, नागदा 2035, नीमच 2035, मंदसौर 2041, आलीराजपुर 2035, पीथमपुर 2035, खरगोन 2035, बड़वानी 2035, खंडवा 2035, बुरहानपुर 2031, देवास 2035, शाजापुर 2035, श्योपुर 2035, दतिया 2035, रायसेन 2021, दमोह 2035, बीना 2021, विदिशा 2035, कटनी 2035, नरसिंहपुर 2035, सीहोर 2035, बैरसिया 2031, सीधी 2035, सिंगरौली 2035, ब्यावरा 2021, पन्ना 2035, मांडव 2031, रतलाम 2035, ओमकारेश्वर 2031
भोपाल 2005, इंदौर 2021, जबलपुर 2021, सिहोरा 2011, भेड़ाघाट 2021, धार 2021, मांडू 2011, चाकघाट 2021, खुरई 2021, नौगांव 2021, ओरछा 2011, रामपुर बघेलान 2021, उमरिया 2011, डिंडोरी 2011, सौसर 2021, मंडला 2021, मुलताई 2021, आमला 2021, झाबुआ 2011. सेंधवा 2021, सांची 2011, आष्टा 2011, सलकनपुर 2021, अनूपपुर 2021, अमरकंटक 2011, नरसिंहपुर 2021, पिपरिया 2021. गरोठ 2021, महेश्वर 2021, सेंधवा 2021
Updated on:
4 Sep 2026, 7:45 AM IST
Published on:
4 Sep 2026, 7:45 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.