
MP News:मध्यप्रदेश में हाल में शुरू हुई पुलिस की इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम डायल-112(Dial 112) की टेंडरिंग प्रक्रिया को लेकर कथित भ्रष्टाचार की ट्रेंड होती पोस्ट पर महकमा बचाव में आया है। सरकार ने मंगलवार को टेंडर प्रक्रिया और डायल-112 के खर्च के हिसाब साझा किए। पुलिस महकमे ने भी इस पोस्ट को गलत बताया। दरअसल, सोशल मीडिया में कुछ वीडियो पोस्ट के जरिए डायल- 112 में 1500 करोड़ रुपए के घोटाले की जानकारी साझा की जा रही है।
इसमें आरोप है कि जो गाड़ियां 30 से 40 लाख में आती हैं उन्हें एक करोड़ में खरीदा गया। दावा है कि गाड़ियों को कई गुना अधिक दामों में खरीदा गया है। सरकार ने मीडिया में किए जा रहे दावे का खंडन किया है।
पुलिस विभाग ने बताया कि डायल- 112 के टेंडर 1500 नहीं बल्कि 972 करोड़ के हैं। कुल बजट में 719.75 करोड़ का प्रावधान 1200 फर्स्ट रिस्पांस गाड़ी के संचालन, रख-रखाव और कर्मचारियों के वेतन में होगा। 78.5 करोड़ का प्रावधान स्टेट कमांड सेंटर, 174 करोड़ आइटी इंफ्रास्टक्चर जैसे हार्डवेयर, सॉटवेयर, सर्वर एवं उनके रख-रखाव पर खर्च होगा।