Wheat- सीएम मोहन यादव ने बताया- प्रदेश में बढ़ा गेहूं उपार्जन, किसानों को 2 हजार 547 करोड़ रूपए की राशि भुगतान की जा चुकी
Wheat- एमपी में गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी है। किसानों को उनकी उपज का भुगतान भी किया जा रहा है। अब तक सरकार गेहूं किसानों के बैंक खातों में 2548 करोड़ रुपए डाल चुकी है। प्रदेश के जनसंपर्क विभाग ने ट्वीट कर यह खुशखबरी दी। विभाग की आधिकारिक सूचना के मुताबिक अब तक प्रदेश में कुल 4 लाख 88 हजार 270 किसानों से गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को अपने संबोधन में बताया था कि प्रदेश में अब तक कुल 19.31 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है जिसके लिए किसानों को 2 हजार 547 करोड़ रूपए की राशि भुगतान की जा चुकी है।
मध्यप्रदेश में इस बार केंद्र सरकार द्वारा गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन किया गया है। सीएम मोहन यादव ने बताया कि मध्यम और बड़े किसानों को स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई। इस श्रेणी के 1 लाख 60 हजार 261 किसानों ने स्लॉट बुक किए हैं। स्लॉट बुकिंग की अवधि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है।
गेहूं की बिक्री के लिए प्रदेश में अब तक कुल 9.49 लाख स्लॉट बुक हुए हैं जिनमें 4.49 लाख किसानों ने अपनी फसल बेची है। प्रत्येक शनिवार के अवकाश दिवस में भी स्लॉट बुकिंग और उपार्जन जारी रहेगा। उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 प्रति केन्द्र की गई है। किसान को तहसील के स्थान पर जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा दी गई।
इतना ही नहीं, प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए एफए क्यू मापदण्ड को भी शिथिल कर दिया गया है। किसानों को राहत देते हुए चमकविहीन गेहूं की सीमा 50 प्रतिशत तक, सिकुड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है।
प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में 4 लाख 88 हजार 270 किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को 2548 करोड़ रुपए से अधिक के भुगतान किए गए हैं। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिए उपार्जन केन्द्रो पर प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। तौल कांटों की संख्या बढ़ाई गई है।
बता दें कि किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।