भोपाल

केंद्र की भाजपा सरकार से अब RSS करेगा प्रश्न, राम मंदिर होगा मुद्दा

सवालों के जवाब में भैयाजी जोशी ने स्पष्ट किया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नजरिया और रखी अपनी बेबाक राय।

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Oct 15, 2017

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि राम-मंदिर को लेकर संघ को अपनी लाइन से पीछे हटने की जरूरत नहीं है। संघ केंद्र सरकार से पूछेगा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर वह तीन साल से क्यों चुप है। सरकार्यवाह सुरेश भैय्याजी जोशी संघ के कार्यकारी मंडल की बैठक के आखिरी दिन शनिवार को मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने मीडिया को भी सलाह दी कि वह भी सरकार से राम मंदिर के निर्माण को लेकर सवाल पूछे।
जोशी बोले, राम मंदिर बनाने के लिए बरसों तैयारी करनी पड़ती है। वर्ष 1992 में काम हो रहा था, लेकिन आगे जाकर यह काम रुक गया। अब फिर शुरू हो गया है, लेकिन राम मंदिर तभी बनेगा जब सभी दिक्कतें दूर हो जाएंगी। दिक्कतें दूर करने का कार्य सरकार का है।

आरक्षण पर पूरा समर्थन :
आरक्षण को लेकर पूछे गए सवाल पर जोशी ने कहा, आरक्षण तब तक रहना चाहिए, जब तक जरूरतमंद वर्ग इसकी जरूरत महसूस करे। संघ आरक्षण का समर्थन करता है, लेकिन पदोन्नति में आरक्षण पर अभी हमने विचार नहीं किया है। जोशी बोले, संघ हिन्दुत्व नहीं, राष्ट्रीयता का चेहरा है।

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रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर सवालों पर जोशी ने कहा, यह सोचना होगा कि म्यांमार से रोहिंग्या मुसलमानों को क्यों निष्कासित किया गया? इस बात को समझकर ही हमें भविष्य की नीति बनानी होगी। ये लोग आते हैं, तो जम्मू-हैदराबाद में बसते हैं। सोचना चाहिए क्यों? इतिहास बताता है कि हमने जिसे अपनाया, वह आने वाले समय में दिक्कत बना। आने वालों के पैन, आधार और मतदाता कार्ड बन गए। धर्मांतरण पर जोशी ने कहा कि लालच, भ्रम और भय के जरिए धर्मांतरण कराने के संघ खिलाफ है। धर्मांतरण के ये तरीके चिंता के विषय हैं। जिन राज्यों में धर्मांतरण संबंधी कानून हैं, वहां इसका सख्ती से पालन होना चाहिए।

जय शाह मामला: सिर्फ आरोपों से भूमिका तय नहीं
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह पर भ्रष्टाचार के लगे आरोपों को लेकर जोशी ने कहा, आरोप लग गए, लेकिन उन्हें सही मानने का कारण नहीं है। न्यायालयीन प्रक्रिया होती है, वह चलती है। आरोप लगाने वाले कानूनी प्रक्रिया में जाएं। केवल आरोपों से संघ अपनी भूमिका तय नहीं करता।

संघ गांव में बढ़ेगा, युवाओं से जुड़ेगा
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कार्यकारी मंडल की बैठक के अंतिम दिन संघ के विस्तार का मंत्र दिया। मुख्य बैठक के बाद भाषाई आधार पर समूह बनाकर चर्चा की गई। इसमें मराठी, गढ़वाली, नेपाली सहित अन्य भाषाओं के समूह बनाए गए। संघ अब गांवों में विस्तार करेगा और युवाओं से जुड़ेगा। हिन्दुत्व, राष्ट्रवाद, सामाजिक समता, धर्मांतरण के साथ संघ अब किसान, रोजगार और ग्रामीण विषयों पर भी काम करेगा।

अब इन पर होगा काम
1. गांवों में शाखाओं का विस्तार
2. किसानों से कनेक्टिविटी
3. युवा- रोजगार पर फोकस
4. रोहिंग्या मुद्दे, जीएसटी, नोटबंदी पर जनसमर्थन
5. राष्ट्रवाद, हिन्दुत्व, राममंदिर, धर्मांतरण, आदिवासी पैठ जैसे मुद्दों पर पूर्ववत् काम।

कर्जमाफी हल नहीं - जोशी ने कहा, कर्जमाफी किसानों की समस्याओं का हल नहीं है। उसे फसल का वाजिब मूल्य मिलना चाहिए।

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Published on:
15 Oct 2017 11:58 am
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