
भोपाल/ मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव की तैयारियों में प्रदेश में सक्रीय सभी राजनीतिक दल जीत के लिए अपना अपना जोर लगा रहे हैं। इस बार उपचुनाव में राजनीति का मुख्य केन्द्र ग्वालियर चंबल क्षेत्र को माना जा रहा है, जिसे साधने के लिए भाजपा के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया खुद अपने गढ़ में कमान संभाले हुए हैं। तो वहीं, कांग्रेस ने भी मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए सिंधिया के बचपन के दोस्त और राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट को स्टार प्रचारक के तौर पर ग्वालियर चंबल के रण में उतारा है। पायलट यहां कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेंगे। यानी इस बार बचपन के दो पक्के दोस्त चुनावी रण में आमने-सामने होंगे।
मिल गई पायलट की सहमति
पिछले दिनों हमने आपको बताया कि, कांग्रेस जल्द ही बड़ा दाव खेलते हुए सिंधिया के क्षेत्र में सचिन पायलट को स्टार प्रचारक के रूप में उतार सकती है। अब कांग्रेस का दावा है कि, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ग्वालियर-चंबल में चुनाव प्रचार के लिए पायलट से सहमति ले ली है। तय रणनीति के मुताबिक, जल्द ही सचिन पायलट क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए प्रचार करते दिखाई देंगे।
सत्ता की कूंजी है 16 विधानसभा सीटें!
राजनीतिक विश्लेशकों की मानें तो मध्य प्रदेश में होने जा रहे उपचुनाव में ग्वालियर-चंबल के अंतर्गत आने वाली 16 सीटों पर जीत भाजपा-कांग्रेस के लिए सत्ता की कूंजी साबित होगी। ऐसे में दोनो ही दल यहां जीत के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। एक तरफ भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की पकड़ इस क्षेत्र में मजबूत मानी जाती है। वहीं, कांग्रेस क्षेत्र में सिंधिया के प्रभाव को कम करने के लिए ही सचिन पायलट को यहां चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंप रही है। यहां पायलट अब अपने बचपन के दोस्त सिंधिया के खिलाफ चुनाव प्रचार में उतरेंगे।
पायलट के जरिये गुर्जर वोटों पर कांग्रेस की नजर
सचिन पायलट को कांग्रेस का बड़ा स्टार प्रचारक कहा जाता है। युवाओं के बीच उनकी खास पकड़ है, जिसे मद्देनजर रखते हुए कांग्रेस ने उनसे उपचुनाव में प्रचार की सहमति ले ली है। पूर्व सीएम कमलनाथ ने उनसे फोन पर चर्चा की और ग्वालियर चंबल की 16 सीटों पर गुर्जर वोट बैंक व युवाओं को साधने के लिए कांग्रेस ने ये प्लान तैयार किया है। सचिन पायलट के जरिए कांग्रेस ने क्षेत्र के गुर्जर वोटों को साधने की रणनीति बनाई है। बता दें कि, इससे पहले भी सचिन पायलट एमपी के चुनाव में प्रचार कर चुके हैं।