भोपाल

17-17 साल से अटैच शिक्षकों की रूकेगी सैलरी, भोपाल में ई-अटेंडेंस के आधार पर मिलेगा वेतन

Teachers salaries: टीचर्स को अब यू-डायस पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति लगानी होगी। वेतन भी उसी आधार पर दिया जाएगा।
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Jul 03, 2026
threat to service benefits of higher education department teachers in mp
उच्च शिक्षा विभाग के टीचर्स के सेवा लाभ पर खतरा Demo Pic-(Photo Source - Patrika)

Teachers salaries in mp: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में सालों दूसरे विभागों और कार्यालयों में अटैच होकर सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर अब लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने सख्ती शुरू कर दी है। डीपीआई कमिश्नर अभिषेक सिंह ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूलों में पदस्थ होकर अन्य संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों का वेतन रोका जाए। राजधानी में ऐसे एक दर्जन से अधिक शिक्षक है, जो पढ़ाई छोड़ मंत्रालय, एसडीएम कार्यालय और अन्य संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं।

आदेश किया गया जारी

डीपीआई ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब शिक्षकों का वेतन केवल ई-अटेंडेंस के आधार पर ही जारी किया जाएगा। यू-डायस पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। यदि किसी शिक्षक ने किसी दिन ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की तो उसे अनुपस्थित माना जाएगा और उस दिन का वेतन नहीं मिलेगा।

जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने बताया कि निर्देश में स्कूल प्राचार्यों और संकुल प्रभारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे वेतन आहरण देयक तैयार करने से पहले ई-अटेंडेंस का सत्यापन करें। बिना सत्यापन के वेतन भुगतान नहीं होगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

वर्षों से जमे यह शिक्षक

जिनमें शिक्षक वर्षों से स्कूलों से बाहर पदस्थ हैं। प्राथमिक शिक्षक ताहिर अमीन 17 वर्षों से दूसरे संकुल में कार्यरत हैं, जबकि माध्यमिक शिक्षक सीसा शर्मा पिछले तीन वर्षों से एसडीएम कार्यालय कोलार में संलग्न हैं। इसी तरह मनीष शर्मा करीब 17 वर्षों से मंत्रालय में तैनात बताए गए हैं। डीपीआइ ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अब अटैचमेंट व्यवस्था पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षकों की तैयार हो रही कुंडली

बीते दिनों पहले ही ई-अटेंडेंस व्यवस्थाको लेकर शिक्षा विभाग ने निगरानी तेज कर दी थी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। सीधी जिले में विभाग ऐसे शिक्षको की सूची तैयार की गई जिन्होंने शासन के निर्देशों के बावजूद अब तक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की है।

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 620 शिक्षक ऐसे है, जिनकी उपस्थिति ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज नहीं हो रही है। जिले में कुल करीब 4,300 शिक्षक एवं कर्मचारी पदस्थ है। इनमें लगभग 200 लिपिक और अन्य कार्यालयीन कर्मचारी शामिल हैं, जिन पर फिलहाल ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू नहीं है। शेष शिक्षकों में अधिकांश ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना शुरू कर दिया है, लेकिन करीब 14 प्रतिशत शिक्षक अभी भी इस व्यवस्था से बाहर है।

Updated on:
03 Jul 2026 01:45 pm
Published on:
03 Jul 2026 01:14 pm