भोपाल

MP में सतपुड़ा-विंध्याचल भवन होंगे जमींदोज, अरेरा हिल्स पर बनेगा ये आधुनिक बिल्डिंग

Satpura-Vindhyachal Bhawan Demolition: भोपाल में 40 साल पुराने सतपुड़ा और विंध्याचल भवन अब इतिहास बनने जा रहे हैं। यहां मिनी सेंट्रल विस्टा की तर्ज पर नया हाईटेक सरकारी कॉम्प्लेक्स तैयार होगा।
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Feb 21, 2026
satpura-vindhyachal bhawan demolition for mini central vista project in bhopal mp news
satpura-vindhyachal bhawan demolition (Patrika.com)

MP News: भोपाल के अरेरा हिल्स पर वल्लभ भवन के सामने 40 साल से ज्यादा पुराने सतपुड़ा और विंध्याचल भवन को तोड़ने (Satpura-Vindhyachal Bhawan Demolition) की प्लानिंग पूरी हो गई है। पुराने भवन को तोड़कर यहां कोर्टयार्ड एनेक्सी बिल्डिंग तैयार की जाएगी जो आपस में ट्विन टावर की तर्ज पर कनेक्ट होंगी। इस भवन में मल्टी लेवल पार्किंग और मल्टी लेवल फ्लोर एक साथ निर्मित किए जाएंगे।

शुरुआत के चार से पांच फ्लोर तक आप अपने दो पहिया और चार पहिया वाहन में बैठकर ही संबंधित कार्यालय पहुंच सकेंगे। मल्टी लेवल पार्किंग मॉडल में अधिक चौड़ाई वाले घुमावदार रास्तों को इस प्रकार तैयार किया जाएगा जो संबंधित कार्यालय के फ्लोर पर जाकर लैंड होंगे। शहर में यह व्यवस्था फिलहाल प्राइवेट मॉल में मौजूद है।

सरकारी खर्च कम से कम

सरकार सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट (Mini Central Vista) को आगे बढ़ाते हुए जीरो फाइनेंस मॉडल लागू करने का प्रयास भी कर रही है। कंस्ट्रक्शन पर बगैर सरकारी खर्च के यह निर्माण हाउसिंग बोर्ड नोडल एजेंसी की निगरानी में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में काम करने वाली बड़ी इंटरनेशनल कंपनियों के माध्यम से करवाया जा सकता है। मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन सभी मुद्दों पर जिला प्रशासन, हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम के अधिकारियों के साथ चर्चा में ये बातें तय हुई हैं।

शहर का ब्यू पाइंट बनेगा

अरेरा हिल्स पहाड़ी पर बनने वाने मिनी सेंट्रल विस्टा को दिल्ली के नए संसद भवन की तर्ज पर आकार दिया जाएगा। नागरिक यहां अपने परिजनों के साथ आकर व्यू पाइंट की सैर कर सकेंगे। सरकारी भवन की थीम की बजाए इसे व्यू पाइंट बनाया जाएगा।

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट ऐसे आगे बढ़ेगा

  • तीन चरण में बनेगा प्रोजेक्ट
  • सतपुड़ा और विंध्याचल भवन को एक साथ नहीं तोड़ा जाएगा
  • सतपुड़ा भवन का एक हिस्सा टूटेगा। उतना फिर से बनाया जाएगा। उसके बाद बचा हुआ हिस्सा तोड़कर बनाएंगे
  • इसी तरह विंध्याचल भवन का भी निर्माण होगा।
  • दोनों के बीच ग्रीन पॉकेट कोर्टयाट के तर्ज पर विकसित होगा।
  • भवनों की डिजाइन इस तरह रखी जाएगी कि दीवारों से बंद हो और खुले आसमान के नीचे भी हो।
  • यहां इस तरह एक दूसरे को जोड़ा जाएगा कि गाड़ी के साथ ही लोग संबंधित भवन के संबंधित फ्लोर तक पहुंच जाएं।
  • दोनों भवनों के साथ ही कोर्टयार्ड से पूरी कनेक्टिविटी होगी। लिफ्ट की जरूरत नहीं होगी। (MP News)
Updated on:
21 Feb 2026 01:00 am
Published on:
21 Feb 2026 12:59 am