
Bhopal Municipal Corporation : भोपाल में घटिया मरम्मत की बात पर दो अफसर भिड़ गए। भोपाल नगर निगम की बैठक में अलग अलग विभागों के सुपरिटेंडेंट इंजीनियरों में आरोप प्रत्यारोप लगे। शहर में सीवेज लाइन के लिए खोदी जा रही सड़कों को लेकर नगर निगम के सिविल और सीवेज शाखा के अधीक्षण यंत्री आमने-सामने आ गए। नगर निगम के सिविल विभाग के अधिकारी ने कहा कि मरम्मत के घटिया काम से सड़कें धंस सकती हैं लेकिन सीवेज शाखा के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर ने आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। भोपाल में 2027 के प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) को देखते हुए नगर निगम ने भी तैयारियां शुरु कर दी हैं। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर करने पर निगम का फोकस रहेगा।
सिविल शाखा के अधीक्षण यंत्री आरआर जरोलिया और सीवेज शाखा के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग की बहस
भोपाल नगर निगम की बैठक में सिविल शाखा के अधीक्षण यंत्री आरआर जरोलिया और सीवेज शाखा के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग की बहस हो गई। दोनों ने एक दूसरे के विभागों की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए। अधीक्षण यंत्रियों को यूं उलझते देख निगम आयुक्त ने हस्तक्षेप कर दोनों का शांत कराया।
नगर निगम की सिविल शाखा के अधीक्षण यंत्री आरआर जरोलिया ने अमृत योजना के तहत हो रही खुदाई के काम पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटिया मरम्मत से सड़कें धंस सकती हैं। सिविल शाखा के अधीक्षण यंत्री आरआर जरोलिया ने यह भी कहा कि इससे हमारे विभाग की बदनामी होती है। सिविल शाखा के अधिकारी के इस आरोप का सीवेज शाखा के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने जवाब दिया। उन्होंने मरम्मत को सही ठहराया।
दोनों अधिकारियों में बहस बढ़ती देख निगम आयुक्त ने हस्तक्षेप कर समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। दोनों इंजीनियरों ने एक दूसरे के विभागों के कार्य की गुणवत्ता परखने के लिए कहा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार 2027 के प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) को देखते हुए कचरा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था मजबूत करने की कवायद शुरु कर दी है। इसमें घरों से अलग-अलग कचरा लेने से लेकर उसके परिवहन, प्रोसेसिंग और अंतिम निपटान तक सुधार किया जाएगा। निगम के अधिकारी कंपोस्टिंग, कचरे से उपयोगी सामग्री अलग करने और बायोगैस जैसी प्रसंस्करण व्यवस्थाओं को बढ़ावा देंगे।