मुंबई से अयोध्या पैदल जा रही शबनम शेख राजधानी भोपाल पहुंच गई हैं। यहां उन्होंने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से मुलाकात की। उन्होंने भोपाल की खूबसूरती की जमकर तारीफें भी कीं।
मुंबई से पैदल अयोध्या के लिए निकलीं 21 साल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शबनम शेख मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंच गई हैं। शबनम के इस हौसले और धार्मिक आस्था की देशभर में तारीफ की जा रही है। हर कोई शबनम की इस तरह 3 राज्यों की पैदल यात्रा से हैरान है। भोपाल की सड़कों पत्रिका से मुलाकात के दौरान शबनम ने अपनी पैदल यात्रा के किस्से साझा किए। साथ ही भोपाल आकर कुछ समय रुकने का भी उन्होंने उद्देश्य बताया।
अयोध्या में श्री राम के दर्शन करने मुंबई से अपने दो दोस्तों विनीत पांडे और रामराज शर्मा निकली शबनम शेख देशभर में तीन राजनीतिक हस्तियों की बड़ी फैन हैं। पहली तो वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी फैन हैं। शबनम की इच्छा है कि वो जीवन में एक न एक बार प्रधानमंत्री मोदी से जरूर मिल सकें। यही नहीं वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ की भी बड़ी प्रशंसक हैं। उनकी ये भी ख्वाहिश है कि वो सीएम योगी से भी मुलाकात करें। इसके अलावा शबनम मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपना मामा मानती हैं। उन्होंने बताया कि शहर में रुकने का असल उद्देश्य अपने मामा शिवराज से मुलाकात करना है। शबनम भोपाल में शिवराज सिंह चौहान के लिंक रोड नंबर-1 पर स्थित बी - 74 बंगले 'मामा का घर' पर मिलने भी पहुंची।
जब साध्वी प्रज्ञा से मिलीं शबनम
इसके बाद शबनम शेख ने भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से भी मुलाकात की। यहां साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सनातनी शबनम के जज्बे की तारीफ की। उनकी पिछली यात्रा के संबंध में जानने के साथ ही उन्हें शुभकामनाओं के साथ आगे की यात्रा के लिए विदा किया।
दो दोस्तों के साथ मुबंई से निकलीं शबनम
आपको बता दें कि फर्स्ट ईयर की छात्रा शबनम शेख अपने दो साथी विनीत पांडे और रामराज शर्मा के साथ कदम से कदम मिलाकर मुंबई से अयोध्या श्री राम के दर्शन करने जा रही हैं। शबनम 22 जनवरी को आयोजित श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हो सकती हैं। शबनम का कहना है कि श्रद्धा के लिए मन में विचार आना जरूरी नहीं है। बचपन से राम को मानते हैं, जितना हम नबी की रेस्पेक्ट करते हैं उतना ही राम की भी रेस्पेक्ट करते हैं। कड़ाके की ठंड में हम यात्रा कर रहे हैं। बहुत जोश है।