
Shivraj Singh Chouhan : "कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती" भारत सरकार की एक योजना पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर ये पंक्तियां दोहराईं। उन्होंने प्रधानमंत्री धन धान्य योजना के संदर्भ में यह बात कही। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योजना के एक साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में इसे किसानों की प्रगति और खेती की उन्नति का संकल्प बताया। उन्होंने नवरात्रि का भी उल्लेख किया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानोें को संबोधित करते हुए कहा कि ये पर्व नई शक्ति, नई उर्जा ग्रहण करने का है, मैं चाहता हूं कि आप भी यहां से नई उर्जा लेकर जाएं।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में परिसर में ही पौधा रोपा। भारत सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय में सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी भी इस मौके पर उपस्थित थे। शिवराज सिंह चौहान ने इसे प्रकृति की सेवा का अभियान बताते हुए लोगों से पौधे रोपकर धरती की हरियाली बढ़ाने और जीवन को समृद्ध करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में नई दिल्ली के एनएएससी कांप्लेक्स में राष्ट्रीय स्तर का सम्मान समारोह चल रहा है। यहां मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले को उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जा रहा है। इसके लिए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया कार्यक्रम में पहुंची हैं।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) की शुरुआत पिछले साल 11 अक्टूबर को की गई थी। यह योजना देश के 100 पिछड़े और आकांक्षी जिलों में लागू की गई जिसमें एमपी के 8 जिलों अनूपपुर,आलीराजपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, शहडोल, उमरिया, सीधी और टीकमगढ़ को भी शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में जैविक खेती और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत किसानों को नई तकनीक अपनाने और उन्नत खेती करने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में प्रमुख रूप से कम उत्पादकता वाले जिलों को शामिल किया गया है। यहां खेती किसानों से जुड़ी व्यवस्थाएं बदली जा रहीं हैं। योजना अभी 6 साल (2030-31 तक) के लिए लागू की गई है।