भोपाल

सुंदरकांड के बीच चल रही थी किडनैपिंग, डायरेक्टर शुभ्रा रंजन केस में चौंकाने वाला खुलासा

Shubhra ranjan kidnapping case: फिल्मी पटकथा जैसी साजिश, किडनैपिंग का ठेका, दो माह ट्रेनिंग, आइएएस एकेडमी डायरेक्टर अपहरण-फिरौती कांड में बंधक बनाने से लेकर धमकाने और डराने की रोजाना की जाती थी रिहर्सल

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May 05, 2026
Shubhra Ranjan Kidnapping case shocking reveal (photo:patrika creative)

Shubhra Ranjan Kidnapping Case: दिल्ली की आइएएस एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन का अपहरण कर 1.89 करोड़ की फिरौती लेने की कहानी फिल्मी पटकथा जैसी है। मास्टरमाइंड प्रियांक शर्मा दो माह से तैयारी कर रहा था। 5-5 लाख का लालच देकर ऐसे लोगों को जोड़कर गिरोह बनाया, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। बंधक बनाने, डरानेधम काने की 2 माह तक ट्रेनिंग दी। फिरौती की रकम प्रियांक और उसके पिता के संयुक्त खाते में आई, लेकिन आरोपियों को बैंक की छुट्टी के चलते रकम नहीं मिली। उससे पहले ही प्रियांक के साथ 5 आरोपी पकड़े गए। प्रियांक के गुड स्टूडेंट्स से बैड बॉय बनने की कहानी कोरोना काल में शुरू हुई थी। पुलिस कमिश्नर के अनुसार यूपीएससी परीक्षा की मेंटर व कोचिंग डायरेक्टर शुभ्रा की कोचिंग में प्रियांक ने तैयारी की थी। 3 बार प्रयास के बाद भी सफल नहीं हुआ।

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कोरोना काल में नुकसान

जान पहचान का फायदा उठाकर भोपाल में फ्रेंचाइजी खोलने अनुबंध किया। एमपीनगर में जगह किराए पर ली। 2019 में सेंटर तैयार हुआ। लॉकडाउन के चलते बंद होने पर प्रियांक को नुकसान हुआ। भरपाई के लिए शुभ्रा पर दबाव बनाता रहा।

होटल में आवभगत-फ्लैट में बंधक

प्रियांक ने शुभ्रा को भोपाल आने राजी किया। कोचिंग सेंटर का विस्तार और सेमिनार का बहाना बनाया। दिल्ली से भोपाल का टिकट करवाया। लग्जरी होटल में कमरा बुक करवाया। बीते बुधवार को भोपाल आने से लेकर अपहरण के पहले तक आवभगत खूब की। फिल्मी अंदाज में वह शुभ्रा को होटल से लेकर साइट विजिट के बहाने कुछ दिन पहले ही किराए पर लिए गए फ्लैट पर ले गया। वहीं बंधक बना लिया।

साथी से कराई मरने की एक्टिंग

साजिश के तहत गिरोह के सदस्य दीपक को मरने की एक्टिंग के लिए तैयार किया गया। उसे एक बड़े बॉक्स में मृत व्यक्ति की तरह रखा गया। प्रियांक ने उसे दिखाकर शुभ्रा को धमकाया। रकम नहीं देने पर मारने की धमकी दी। आसपास के लोगों का ध्यान भटकाने गिरोह के अन्य सदस्य सुंदरकांड का पाठ करते। अंतत: रकम मिलने के बाद शुभ्रा को छोड़ा।

बैंक की भूमिका की जांच

पुलिस के अनुसार रकम जनकशिला सोसायटी और आरएस इंटरप्राइजेज के खातों में ट्रांसफर करवाई गई। जनकशिला का खाता प्रियांक, उसके पिता के नाम पर है। आरएस का खाताधारक प्रियांक है। पुलिस खातों की जांच कर रही है। बैंक की भूमिका की भी जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले शुभ्रा की फर्म से संपर्क क्यों नहीं किया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि शुभ्रा रंजन की फर्म के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजे गए थे।

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Published on:
05 May 2026 09:36 am
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