Bhopal Family Court: पुरोहित पति ने दिन रात मेहनत से अफसर बनी पत्नी ने पारंपरिक पहनावे को शर्मिंदगी बताकर तलाक की अर्जी दी, जिसने कुटुंब न्यायालय में भावनात्मक बहस छेड़ दी।
MP News: जिस पति ने अपनी मेहनत की कमाई से पत्नी को 6 साल तक पढ़ाया-लिखाया और अफसर बनाया, उसी रिश्ते पर अब तलाक की तलवार लटक गई है। मप्र पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद पर पदस्थ महिला ने भोपाल कुटुंब न्यायालय (Bhopal Family Court) में पति से तलाक की अर्जी लगाई है।
पत्नी का कहना है कि सरकारी सेवा में आने के बाद पति के पारंपरिक पहनावे (Priest Traditional Attire) और रहन-सहन के कारण उसे शर्मिंदगी महसूस होती है, इसलिए वह साथ नहीं रहना चाहती। फैमिली कोर्ट की काउंसलर शैल अवस्थी ने बताया कि काउंसलिंग में पत्नी अपने निर्णय पर अडिग रही। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली काउंसलिंग के लिए मामला लंबित रखा गया है।
धोती-कुर्ता पहनता है पति, सिर पर चोटी
काउंसलिंग में बताया गया कि पति परंपरागत रूप से पुरोहिताई कर जीविकोपार्जन करता है। पत्नी का कहना है कि पति धोती-कुर्ता पहनता है और चोटी रखता है, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर उसे असहजता होती है। पत्नी ने यह भी कहा कि पति की हैसियत इतनी नहीं है कि वह उसे अपने साथ रख सके।
पति बोला मानसिक आघात
पति ने कोर्ट में कहा कि ऐसे शब्दों ने उसे अंदर से तोड़ दिया है। शादी के समय पत्नी बेरोजगार थी। उसने पुरोहिताई से होने वाली आय से पत्नी की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई। सब-इंस्पेक्टर बनने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। पति ने कहा कि वह जबरदस्ती साथ नहीं रखना चाहता, लेकिन छह साल के रिश्ते को टूटने से बचाने का प्रयास जरूर कर रहा है। (MP News)