
High Court said Husband having unnatural sex with wife is not crime (फोटो- गूगल फोटो)
Unnatural Sex with wife is not crime:ग्वालियर हाईकोर्ट (Gwalior High Court) की एकल पीठ ने पति-पत्नी के बीच चले आपराधिक मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए बलात्कार और अप्राकृतिक कृत्य के आरोपों को निरस्त कर दिया है।
कोर्ट ने कहा कि पति-पत्नी के वैवाहिक संबंधों में, जहां पत्नी बालिग है, वहां भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के अपवाद के कारण 376 लागू नहीं होती और ऐसे मामलों में 377 के तहत भी अभियोजन नहीं चलाया जा सकता। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि पति के विरुद्ध क्रूरता, मारपीट और अश्लीलता के आरोप यथावत रहेंगे और इन पर ट्रायल जारी रहेगा। (MP News)
मामला मुरैना जिले के कोतवाली थाना में दर्ज अपराध से जुड़ा है, जिसमें पत्नी ने पति पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट, बलात्कार और अप्राकृतिक कृत्य जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों के आधार पर पुलिस ने चार्जशीट पेश की और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मुरैना ने संज्ञान लिया था। इसके बाद पति ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चार्जशीट और आगे की कार्यवाही को निरस्त करने की मांग की। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि यह मामला वैवाहिक विवाद का परिणाम है और तलाक की कार्यवाही के बाद दबाव बनाने के लिए आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया।
कोर्ट ने कहा कि पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ किया गया यौन संबंध, यदि पत्नी बालिग हो, तो उसे बलात्कार नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि संशोधित कानून और शीर्ष अदालत के निर्णयों के आलोक में, पति-पत्नी के बीच ऐसे आरोपों में धारा 377 का प्रयोग भी टिकाऊ नहीं है। कोर्ट ने पाया कि चिकित्सा साक्ष्य में भी ऐसे आरोपों की पुष्टि नहीं होती और ऐसे गंभीर आरोप वैवाहिक विवाद के बीच लगाए गए है। (MP News)
Updated on:
10 Jan 2026, 2:34 AM IST
Published on:
10 Jan 2026, 2:34 AM IST
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