
भोपाल। शादी न सिर्फ दो इंसानों को जोड़ती है, बल्कि उससे दो परिवार भी हमेशा के लिए जुड़ जाते हैं। हर माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चों की शादी अच्छे घरों में हो और वे सुखी रहें, लेकिन आज युवाओं में सहनशीलता कम होती जा रही है। जरा-जरा सी बात पर रिश्ते को तोडऩे कोर्ट कचहरी के चक्कर काटते नजर आते हैं। महिला थाने की काउंसलर रीता तुली ने बताया कि जनवरी से अब तक आए लगभग एक हजार केसेस में से लगभग 60 से 70 प्रतिशत मामले छोटी-छोटी बातों से बिगडऩे वाले सामने आए हैं। इनमें नतीजा तलाक तक पहुंच गया।
सूट पहनने की मनाही :
मेरी शादी 10 माह पहले हुई थी। मुझे साड़ी पहनना नहीं आता था, तो मैंने शादी के बाद अपने पति से सूट पहनने के लिए कहा, यह सुन पति ने मुझे तुरंत मना कर दिया।
पति का यह कहना रहा कि घर की सभी बहु साड़ी पहनती है तो तुम्हें सूट कैसे पहनने दे सकते हैं। ये कहानी है रानू सिंह (परिवर्तित नाम) की। ससुराल में सूट पहनने की छोटी सी समस्या से रानू का रिश्ता टूट गया।
नहीं करने दी नौकरी :
मेरी शादी 8 फरवरी 2017 को करोद में हुई थी। शादी के पहले मैं पढ़ाती थी। शादी के बाद मुझे नौकरी करने से मना कर दिया गया। कुछ दिन तो घर में मुझे ठीक लगा, लेकिन समय के साथ मेरे मन में चिड़चिड़ापन समाने लगा और पति से लड़ाई होने लगी। लड़ाई इतनी ज्यादा बढऩे लगी कि हमने अलग होने का फैसला किया और तलाक ले लिया। ये कहानी है भोपाल निवासी उर्मिला कुमारी (परिवर्तित नाम) की।
मेरे लिए नहीं था समय :
मेरी और मेरे पति की दोस्ती सोशल मीडिया के माध्यम से हुई। हमने एक-दूसरे को जाना और उसके बाद ही शादी करने का फैसला लिया। शादी के बाद मेरे पति सिर्फ काम में ही ध्यान देने लगे। मेरे लिए उनके पास एक घंटे का भी समय नहीं रहा। मैं कभी घूमने के लिए कहती तो तुरंत न कर देते। मुझे एेसा लगने लगा कि मेरे पति को मेरी जरूरत नहीं है जिसके बाद मैंने अपने पति से तलाक ले लिया। ये कहानी है भोपाल निवासी रूपा नामदेव (परिवर्तित नाम) की।
आजकल की पीढ़ी में धैर्य नहीं है और नकारात्मक सोच ज्यादा है। रिश्तों में तालमेल भी काफी कम है जिसका मुख्य कारण है एक-दूसरे को समय न दे पाना। रिश्तों की जिम्मेदारी न समझने वाले लोगों की शादी जल्द टूट जाती है। दूसरा कारण है लड़कियों की आजादी। अब कोई भी लड़की बंध कर नहीं रहना चाहती वह भी कदम से कदम मिला कर चलना चाहती है।
- रीता तुली, काउंसलर