4 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

MP Weather : 6 अगस्त से फिर बिगड़ेगा मौसम, एक साथ कई जिलों में होगी भारी बारिश

MP Weather : मौसम विभाग ने 6 अगस्त से प्रदेश पर एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है, जिसका असर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिलेगा। इसके चलते भारी बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
2 min read
Google source verification
MP Weather

MP Weather (6 अगस्त से फिर बिगड़ेगा मौसम Photo Source- Patrika)

MP Weather Update :मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसूनी बारिश ब्रैक लग गया है, जिसने आम लोगों के साथ-साथ राज्य के किसानों के सामने बड़ी चिंता खड़ी कर रखी है। लेकिन, जल्द ही मौसम का मिजाज बदलने वाला है। प्रदेश के कई हिस्सों से सामने आ रही बारिश की कमी के बीच राहत देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, मौसम विभाग ने 6 अगस्त से प्रदेश पर एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है, जिसका असर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिलेगा। इसके चलते भारी बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।

फिलहाल, मध्य प्रदेश में मानसूनी सीजन के दौरान सामान्य से 16 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई क्षेत्रों में जलसंकट और खेती को लेकर चिंता बनी हुई है।

6 अगस्त को एक्टिव हो रहा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस

मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 6 अगस्त गुरुवार से प्रदेश में एक नया मौसमी सिस्टम एक्टिव हो रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वातावरण में नमी बढ़ेगी और कई जिलों में अच्छी तो कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इसके प्रभाव से कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग की माने तो ये सिस्टम प्रदेश में बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा करने में मददगार साबित हो सकता है।

अब तक 16% बारिश कम बारिश

मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से 16 फीसदी कम बारिश दर्ज गो,ती गैहुई है। प्रदेश में औसतन 15.9 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य आंकड़ों की तुलना में करीब 3.1 इंच पानी की कमी बनी हुई है। जुलाई के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने से यह अंतर और बढ़ गया।

पूर्वी एमपी में हालात सबसे खराब

प्रदेश का पूर्वी हिस्सा इस समय सबसे ज्यादा बारिश की कमी झेल रहा है। जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. कई जिलों में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है।

इन जिलों में हालात खराब

एमपी के अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया जिलों में सामान्य से 1 प्रतिशत से लेकर 42 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।

पश्चिमी एमपी में भी औसत से कम बारिश

पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश का प्रदर्शन सामान्य से कमजोर रहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में औसतन 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा जिलों में भी सामान्य से कम बारिश हुई है।

किसानों को बारिश का इंतजार

बारिश की कमी का असर खेती और जल भंडारण दोनों पर दिखाई दे रहा है। कई जिलों में किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि फसलों की बढ़वार बेहतर हो सके। वहीं जलाशयों और बांधों में भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में 6 अगस्त से शुरू होने वाला संभावित बारिश का दौर प्रदेश के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुछ दिन अहम

मौसम विभाग की नजर आगामी सिस्टम पर बनी हुई है। अगर पश्चिमी विक्षोभ उम्मीद के मुताबिक सक्रिय रहा तो प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है। इससे न सिर्फ बारिश की कमी कम होगी, बल्कि खेती और पेयजल व्यवस्था को भी राहत मिलने की संभावना है। फिलहाल मौसम विशेषज्ञ लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।