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दतिया में हार के बाद अनुशासन तोड़ने वालों पर होगा कड़ा एक्शन, भाजपा की रणनीति तैयार

Datia By-Election Analysis : दतिया में मिली हार के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भितरघात करने वाले कार्यकर्ताओं की तरफ इशारा करते हुए कहा- अनुशासन तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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Datia By-Election Analysis

Datia By-Election Analysis (अनुशासन तोड़ने वालों पर होगा कड़ा एक्शन Photo Source- Patrika)

Datia News :मध्य प्रदेश की दतिया सीट उपचुनाव चुनाव परिणाम के एक दिन पहले तक दतिया उपचुनाव पर प्रचंड जीत के दावे करने वाली भाजपा को सोमवार को परिणामों ने बड़ी निराशा दी। लिहाजा इन परिणामों के सामने आने के बाद पार्टी ने चिंतन-मंथन शुरू कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भितरघात करने वाले कार्यकर्ताओं की तरफ इशारा करते हुए कहा कि, अनुशासन तोड़ने वालों पर समीक्षा के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हेमंत ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि, मतदाताओं ने जो भी जनादेश दिया हम उसको स्वीकार करते हैं। हम परिणामों की समीक्षा करेंगे उसके बाद जो भी निष्कर्ष आएगा उस हिसाब से पार्टी अपनी आगामी रणनीति तय करेगी।

चुनावी प्रबंधन और बड़े नेताओं की सभाओं के असर पर भी सवाल

उपचुनाव के नतीजों ने भाजपा के चुनावी प्रबंधन और बड़े नेताओं की सभाओं के असर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह को दतिया विधानसभा के 36 हजार वोटरों को साधने की जिमेदारी दी गई थी। सांसद ने भी कई सभाएं कीं, शहर और गांव में जहां कुशवाह वोटर थे वहां पूरा जोर लगाया, लेकिन कुशवाह वोटर भाजपा के पक्ष में कम ही गया। भाजपा की ओर से यहां बाहरी नेताओं ने ज्यादा प्रचार किया, जबकि लोकल नेता भीड़ का हिस्सा तो बने, लेकिन साथ नहीं दिखे। इस कारण जातिगत समीकरण साधने में भी भाजपा पीछे रह गई।

ओबीसी और एससी वोट रहे गेम चेंजर

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि, दतिया में जातिगत फै…क्टर भाजपा के ज्यादा पक्ष में नहीं थे। ब्राह्मण वोटर्स भी एकजुट नहीं होने से पार्टी को नुकसान पहुंचा। जबकि भाजपा का उमीदवार ब्राह्मण होने से संगठन ने काफी उम्मीदें लगा रखी थीं। वहीं, पूरे चुनाव में ओबीसी और एससी वोट निर्णायक माने जा रहे हैं।

नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने का भी असर

दतिया विधानसभा में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अनुसूचित जाति (एससी) के मतदाता बड़ी संख्या में हैं। कांग्रेस ने इन वर्गों में अपनी पैठ बनाए रखी, जबकि भाजपा अपेक्षित बढ़त नहीं बना सकी। यही वर्ग जीत-हार के अंतर को प्रभावित करने वाले माने जा रहे हैं। वहीं, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भाजपा के भीतर असंतोष की चर्चा रही। उनके समर्थक भी नाराज रहे।

भाजपा कार्यालय में पसरा सन्नाटा

परिणाम के शुरुआती रूझानों में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को जैसे बढ़त मिली वैसे ही पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। लेकिन तीसरे राउंड से स्थितियां बदलना शुरु हुई, जिसके बाद दोपहर होते-होते बड़ा उलटफेर हो गया, जिसके चलते भाजपा मुख्यालय में सन्नाटा छाने लगा। पार्टी दफ्तर से चुनाव प्रभारी डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा भी चुपचाप रवाना हो गए।