
Datia Election Result- दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की बढ़त पर गर्माई सियासत।
Datia Bypoll 2026- मध्यप्रदेश में दतिया चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस जीत का परचम लहरा रही है। 11वें राउंड की काउंटिंग में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने निर्णायक बढ़त बना ली है। इस बीच एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने चौंकाने वाला बयान दिया है, जिसके बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। दोनों ही नेताओं ने सब मिलाकर ऐसे समीकरण बताए हैं, जिनकी मदद कांग्रेस को मिली है। अब क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा के ऐसे कौन नेता और कौन से कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस प्रत्याशी की मदद की है।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की जीत की ओर बढ़ रही है, इस बीच कांग्रेस को यह हवा किसी ऑक्सीजन से कम नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने दतिया उपचुनाव में मिली निर्णायक बढ़त पर कहा है कि इस जीत के पीछे भाजपा में चल रहे भितरघात की भी मदद हमें मिली है। उमंग सिंघार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि भाजपा के जिस नेता का टिकट कटा था, उसका भी हमारे प्रत्याशी को जीत में मदद की है। इसके अलावा उमंग सिंघार ने कई समीकरण भी बताए, जिसकी मदद से कांग्रेस को यह जीत मिल रही है।
उमंग सिंघार ने कहा कि दतिया में सरकार ने चुनाव लड़ा, भाजपा ने चुनाव नहीं लड़ा। सिंघार ने कहा कि सरकार के दबाव में चुनाव हुआ। लोगों ने भी कहा कि हमें डराया जा रहा है धमकाया जा रहा है। महिलाएं और व्यापारी परेशान थे। किसान बाहुल्य दतिया विधानसभा में उन्हें खाद नहीं मिल रही है। यह जनादेश हमारी जनता का टेस्ट एंड ट्रायल रहेगा। सर्वविदित था कि नरोत्तम मिश्रा चाहते थे उन्हें टिकट नहीं मिला, भाजपा ने उन्हें एकल भोजन करने के लिए छोड़ दिया। भितरीघात उनके लोगों ने किया, निश्चित रूप से उसका असर भाजपा पर पड़ेगा।
दतिया के कांग्रेस प्रत्याशी 12वें राउंड में 12 हजार 500 वोटों से निकल गए हैं। कांग्रेस प्रत्याशी की जीत को तय माना जा रहा है। कांग्रेस खेमे में मिठाइयां बंटने लगी है। इस बीच कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भी यह कहते हुए चौंका दिया कि दतिया के कई भाजपा नेताओं ने हमें समर्थन दिया और कई कार्यकर्ताओं ने हमें जीत में मदद की। घनश्याम सिंह ने भाजपा में भितरघात बताया।
गौरतलब है कि इससे पहले हुए चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती दतिया से कांग्रेस विधायक चुने गए थे। उन्होंने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को चुनाव में हराया था। राजेंद्र भारती को सहकारी बैंक में एफडी घोटाले में कोर्ट से सजा हो गई। इसके बाद भारती की विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई। इस सीट से राजेंद्र भारती और नरोत्तम मिश्रा की पारंपरिक प्रतिद्वंदिता के चलते यह चुनाव दोनों ही परिवारों में प्रतिष्ठा का विषय बन गया था। हालांकि भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा को टिकट ही नहीं दिया, जबकि वे क्षेत्र में सक्रिय तक हो गए थे। इधर, टिकट नहीं मिलने पर नरोत्तम मिश्रा भरे मंच पर भावुक भी हो गए थे। दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी राजेंद्र भारती के परिवार से किसी को टिकट नहीं दिया। कांग्रेस ने दतिया राजघराने के घनश्याम सिंह को टिकट दिया, जो पूर्व में भी विधायक रह चुके हैं।
Updated on:
03 Aug 2026 04:28 pm
Published on:
03 Aug 2026 04:27 pm
