
भोपाल। शहर के जर्जर हो चुके ओवर हेड टैंक का ग्यारह सौ क्वार्टर पर रात में गिरने और उसे आधार बनाकर आनंद नगर में स्थिति ओवर हेड टैंक को विस्फोट से उठाने में कई लोगों के गंभीर घायल होने का मामला लोगों के दिमाग से अभी तक हटा नहीं है।
इसके बाद भी नगर निगम पुराने जर्जर हो रहे ओवर हेड टैंक के तोडऩे में लापरवाही बरत रहा है। इसका नजारा विश्वकर्मा नगर करोद में शनिवार को तोड़ी गई बिना सार्वजनिक सूचना दिए ओवर हेड टैंक को सीधे नीचे गिराने से पता चलता है।
बताया गया कि विश्वकर्मा नगर स्थिति 25 साल से अधिक पुराने ओवरहेडटैंक को नगर निगम ने बिना स्थानीय लोगों को सूचना दिए व बेरिकेट्स लगाए सुबह करीब एक लाख गैलन पानी का ओवर हेड टैंक को जेसीबी से खींच कर गिरा दिया है। ओवर हेडटैंक के गिरने की आवाज से लोग थोड़ी देर के लिए तो दहशत में आ गए थे।
करीब 30 फीट ऊंची टंकी को पिलर तोड़कर सीधे नीचे गिरा दिया था, जिसका मलवा कई दूर तक फैला, मजे की बात यह है कि ओवर हेडटैंक के गिराने वाले स्थान के चारों ओर बेरिकेट्स भी नहीं लगाए गए थे। इसके पास ही एक मंदिर भी बना हुई है। जहां लोग पूजन करने आते है।
क्षेत्रीय पार्षद तक को नहीं पता था कि टंकी सुबह करीब नौ बजे गिराई गई। निगम के जलकार्य विभाग की माने तो उन्होंने इसका ठेका मेसर्स शार्प कम्पनी को इसे गिराने का ठेका दिया था उनके कर्मचारियों ने ही इसे जेसीबी से गिराया है। निगम के कर्मचारियों ने मौखिक रूप से इससे लगे घरों के रहवासियों को इसकी सूचना दी थी, जबकि क्षेत्रीय पार्षद का कहना है कि हमें इसकी सूचना तक नहीं मिली, जब लोगों ने ओवरहेड टैंक गिरने का विडियों फोटो भेजे तब पता चला।
-यहां हो चुका है हादसा...
ग्यारह सौ क्वार्टर स्थित ओवर हेड टैंक आधी रात को एकाएक गिर गया था, जिससे कई मकान टूटे थे और कई लोग घायल हो गए थे, जिसे देखते हुए जर्जर ओवर हेड टैंक तोडऩे की परमिशन मिली थी।
उधर आनंद नगर की टंकी को लापरवाही के साथ विस्फोट से तोड़ में एक पत्रकार का जबड़ा ही टूट गया था, कई घायल हुए थे। उसके बाद विस्फोट से तोडऩा बंद किया गया और मेन्युअल टंकी तोडऩे में जुमेराती के जनकपुरी, इतवारा, पुष्पा नगर, आनंद नगर और आरिफ नगर का ओवर हेड टैंक गिराया गया।
-इनका कहना....
पूरे क्षेत्र में इसी ओवरहेड टैंक से पानी की सप्लाई होती थी। कुछ दिनों से इससे सप्लाई बंद कर दी गई थी,लेकिन इसे कब गिराया जाएगा। इसकी सूचना नहीं मिली। यह तो अच्छा हुआ कि कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा नहीं तो ठेके दार व निगम के अधिकारियों को लेने के देने पड़ जाते। क्योंकि वहां सुरक्षा के लिए बेरिकेट्स तक नहीं लगाए गए थे।
-काशीबाई, क्षेत्रीय पार्षद
-इसे नगर निगम मुख्यालय के जलकार्य विभाग ने ठेका देकर तुड़वाया था। जिसका टेंडर पहले ही हो चुका था। आसपासके लोगों को मौखिक सूचना दी गई थी। ओवर हेडटैंक काफी जर्जर हो चुका था, इस लिए कुछ पहले से इसमें पानी भरना भी बंद कर दिया गया था।
-राजेंद्र अहिरवार, जोनल अधिकारी
-जर्जर और छतिग्रस्त हो रहे ओवर हेड टैंक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तोड़े जा रहे हैं। शाहजहांनाबाद की टंकी भी तोड़ी जानी है। उसका खतरनाक पानी भराने वाले हिस्से को गिरा दिया गया है। बाकी हिस्सा तो बार तुड़वाया गया,लेकिन चलता रोड होने के कारण उसे एक साथ नहीं गिराया जा सकता है।
-एआर पवार, सिटी इंजीनियर, जलकार्य विभाग