भोपाल

एमपी में होगा सबसे बड़ा विस्थापन, 50 हजार लोग होंगे इधर से उधर

Singrauli displacement मध्यप्रदेश में सबसे बड़ा विस्थापन होने जा रहा है। इसमें 50 हजार लोग इधर से उधर होंगे।

2 min read
Mar 13, 2025
singrauli city 2025

Singrauli displacement - मध्यप्रदेश में हाल के वर्षों का सबसे बड़ा विस्थापन होने जा रहा है। इसमें एक शहर के 50 हजार लोग इधर से उधर होंगे। प्रदेश की खनन राजधानी कहे जाते सिंगरौली में यह विस्थापन होगा। यहां के मोरवा के करीब 22 हजार घर टूटेंगे, जिनके निवासियों को नई जगह बसाया जाएगा। बुधवार को प्रस्तुत राज्य सरकार के 2025-26 के बजट में भी इस विस्थापन का जिक्र किया गया है। सिंगरौली SINGRAULI के मोरवा में कोयले का अकूत भंडार है। इस शहर की जमीन के नीचे 2,724 मिलियन टन कोयला दबा पड़ा है। केंद्र सरकार इसके खनन की मंजूरी दे चुकी है जिसके लिए सिंगरौली शहर की 1485 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही है।

सिंगरौली में कोयला उत्तर पूर्वी भाग में करीब 220 किमी क्षेत्र में है। भारत में आमतौर पर कोल सीम की मोटाई 30 मीटर तक की होती है लेकिन सिंगरौली में यह 138 मीटर तक की बताई गई है। यहां के झिंगुदरा में तो कोल सीम 162 मीटर तक की है।

राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट में सिंगरौली के विस्थापन का जिक्र कर इसे फिर चर्चा में ला दिया है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश की खनन राजधानी सिंगरौली को खनन के साथ विकास के मद्देनजर एक नए नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे करीब 50 हजार लोगों को नए और सुव्यवस्थित शहर की सुविधाएं मिल सकेंगी। हालांकि बजट में इसके लिए राशि की घोषणा नहीं की गई है।

नार्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड यहां कोयले के विशाल भंडार का खनन करेगी। इसके लिए एनसीएल को कोल इंडिया बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है। कोयला निकालने के लिए विशेष रूप से सिंगरौली के मोरवा इलाके से लोगों को हटाया जाएगा। क्षेत्र के करीब 22 हजार मकानों, दुकानों व अन्य इमारतों को तोड़ दिया जाएगा।

Updated on:
25 Oct 2025 11:35 am
Published on:
13 Mar 2025 09:45 pm
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