भोपाल

धर्म आध्यात्म सृष्टि परिवर्तन का विषय नहीं…सदगुरू रितेश्वर महाराज

- त्रिदिवसीय सदगुरू आचार्य शक्ति पात अमृत संचरण शिविरम  
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Sep 13, 2021
धर्म आध्यात्म सृष्टि परिवर्तन का विषय नहीं...सदगुरू रितेश्वर महाराज
धर्म आध्यात्म सृष्टि परिवर्तन का विषय नहीं...सदगुरू रितेश्वर महाराज

भोपाल. सृष्टि कभी बदल नहीं सकती, प्रकृति बदलती नहीं, इसलिए लोग चूक जाते हैं कोई कमी नहीं है फिर भी झुलस रहे हैं जो प्राप्त है वही पर्याप्त है फिर भी कसक है सभी विकसित देशों में भी अभाव है भौतिकता के चरम पर बैठे लोग इतने तनाव और अवसाद में, जबकि कोई कमी नहीं वहां। कोई तो सूत्र जानते होंगे सुदामा, मीरा, रैदास, कबीर, जना बाई इसलिए उनके पास आनन्द ही आनन्द है तनाव रहित हैं । यह विचार सद्गुरू रितेश्वर महाराज ने सोमवार को मानसभवन में त्रिदिवसीय आचार्य शक्ति पात अमृत संचरण शिविरम में कहे।
महाराज ने कहा कि, मेरी प्रिय युक्ति है वाल्मिकी रामायण...जिसके विद्वत ज्ञाता अथवा वाचक बहुत कम है कितनों को ज्ञात है सनातन शास्त्रों संस्कृत के श्लोकों बदल दिए गए है हलंत और विसर्ग का बड़ा महत्व है। भगवान के दो प्रमुख अवतार हैं एक श्रीराम एक श्रीकृष्ण जी का श्रीराम जी 12 कला के अवतारी हैं वे मर्यादा के प्रतिमूर्ति हैं श्रीकृष्ण 16 कलाओं के अवतारी हैं उन्होंने 16 कलाओं से उलझन को सुलझाये धर्म की स्थापना के लिए महाभारत कराना पड़ा कराये इसलिए श्रीकृष्ण सबसे अधिक लोकप्रिय, उपयोगी माने गए।

आपके तरीके क्या है यह महत्तवपूर्ण नहीं आपके उद्देश्य क्या है यह महत्वपूर्ण है मैं आनन्द में कैसे रहूं यह उद्देश्य सभी का है जीवन सुन्दर हो इसलिए हम धर्म के शरण में जाते हैं और सनातन धर्म ही इस आनन्द का मूल श्रोत है धर्म कोई प्रदर्शन का विषय नहीं है यह तो सुन्दर जीवन का तरकीब का सूत्र है, यही कारण है कि प्रबुद्धजन ज्यादा कमाने की प्रयत्न नहीं करते और आनन्दमय में जीवन व्यतित करते हैं। मानस भवन में श्रीआनन्दम् धाम का अलग-अलग चरणों में प्रात:काल से देर रात्रि तक आध्यात्मिक कार्यक्रम की धारा बह रही है।

Published on:
13 Sept 2021 11:46 pm