निरीक्षक ने आर्य समाज मंदिर में शादी की, लेकिन बाद में निरीक्षक की असलियत दो बच्चों का पिता के रूप में सामने आई।
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार हो रही महिलाओं से रेप व छेड़छाड़ की घटनाओं के बीच अब खाकी भी लगातार दागदार होती जा रही है। खाकी के दागदार होने के लगातार सामने आ रहे आरोपों में जहां पीएचक्यू में कुछ दिनों पहले महिलाओं द्वारा किया गया मामला खास है। वहीं इसके बाद घर जाती युवती से पुलिसकर्मी की छेड़छाड़ के बाद अब एक और मामला इसमें शामिल हो गया है।
पीएचक्यू में हुए हंगामे के बाद पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एडिशनल एसपी खिलाफ दर्ज हुए केस का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एक महिला सहायक उप निरीक्षक ने एक पुलिस निरीक्षक पर धोखाधडी से शादी किए जाने का आरोप लगा दिया है। महिला का आरोप है कि पुलिस निरीक्षक आला अधिकारी का रिश्तेदार होने के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही नहीं की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस मुख्यालय में सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ महिला ने आरोप लगाया है कि मुख्यालय में पदस्थ एक पुलिस निरीक्षक ने उसे स्वयं को अविवाहित बताते हुए उसके साथ धोखाधडी से शादी कर ली। निरीक्षक ने आर्य समाज मंदिर में शादी की, लेकिन बाद में निरीक्षक की असलियत दो बच्चों का पिता के रूप में सामने आई। इस मामले में महिला एएसआई ने थाने में एफआईआर भी दर्ज करवाई, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके चलते उसने सीएम, गृह मंत्री और डीजीपी से गुहार भी लगाई, लेकिन फिर भी उसे अभी तक न्याय नहीं मिला है। महिला का आरोप है कि ASP का रिश्तेदार होने की वजह से विभाग उसे बचा रहा है। इसके अलावा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी इंस्पेक्टर पर अब तक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है।
पीएचक्यू में यह इस तरह का दूसरा मामला सामने आया है। इसके पहले पीएचक्यू में पदस्थ एडिशनल एसपी राजेन्द्र वर्मा के खिलाफ पीएचक्यू में ही पदस्थ एक महिला कांस्टेबल ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे।
महिला कांस्टेबल ने इसकी शिकायत महिला सेल एडीजी अरुणा मोहन राव से की थी। शिकायत की जांच के लिए महिला सेल में एक कमेटी गठित की गई। कमेटी ने जांच की और रिपोर्ट वरिष्ठ अफसरों को भेज दी। जांच रिपोर्ट की अनुशंसा के आधार पर वर्मा के खिलाफ यौन शोषण और छेड़छाड़ की कई धाराओं समेत एफआईआर दर्ज की गई।