MP News: विशेषज्ञों की मानें तो वर्तमान समय में डेटा की उपयोगिता के बढ़ते चलन और साइबर अपराधों में तेजी ने पुलिस को मॉर्डन पुलिसिंग के लिए मजबूर किया है...
MP News:मध्यप्रदेश में साइबर कमांडो के दूसरे बैच की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। खास बात यह है कि ऐसा पहली बार होगा जब एक साथ 60 जवान ट्रेनिंग लेकर साइबर कमांडो बनेंगे। इससे पहले प्रदेश के सिर्फ 6 जवानों ने ही ट्रेनिंग ली थी। इसके मुकाबले यह बैच काफी बड़ा है। साइबर मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुरुआती चरण में दो ऑनलाइन ट्रेनिंग करवाई गई है। इसके बाद अब जल्द ही जवानों को देश के अलग-अलग संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की तैयारी है।
साइबर कमांडो का पाठ्यक्रम आइआइटी कानपुर, हैदराबाद, दिल्ली,कोटा, मद्रास, गांधी नगर और पुणे जैसे संस्थानों में तैयार किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 माह का है। इसके अलावा सरदार वल्लभ भाई पटेल पुलिस अकादमी, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी सहित देश के अन्य संस्थानों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी बीच खास बात ये भी है कि अब आइआइटी इंदौर में भी साइबर कमांडो तैयार होंगे।
विशेषज्ञों की मानें तो वर्तमान समय में डेटा की उपयोगिता के बढ़ते चलन और साइबर अपराधों में तेजी ने पुलिस को मॉर्डन पुलिसिंग के लिए मजबूर किया है। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम डिजिटल अपराधों के बढ़ते दौर में इस पर नियंत्रण पाने की दिशा में बेहद अहम साबित होगा।
-साइबर हमलों को रोकना
-हैकिंग, डेटा चोरी और ऑनलाइन जासूसी से सुरक्षा
-हैकरों से डेटा की सुरक्षा
-आतंकवादी और अपराधी नेटवर्क की ट्रैकिंग करना
-एक्सपर्ट गाइड करना।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर देशभर में अगले पांच साल में 5 हजार साइबर कमांडो तैयार किए जा रहे हैं। पहले बैच में 350 को विभिन्न संस्थानों में ट्रेनिंग दी गई। आइआइटी कानपुर में 36 कमांडो ट्रेंड भी किए जा चुके हैं।