भोपाल

25 मिनट के नाटक को अनुवाद कर एक घंटे का किया, सिर्फ गिटार से दिया लाइव म्यूजिक

एमपीएसडी में 2017 बैच के इंटर्न स्टूडेंट्स ने किया नाटक 'द ड्रिमिंग' और 'खिड़की' का मंचन
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Apr 15, 2019
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25 मिनट के नाटक को अनुवाद कर एक घंटे का किया, सिर्फ गिटार से दिया लाइव म्यूजिक

भोपाल। मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय(एमपीएसडी) में शनिवार को नाटक 'द ड्रिमिंग' और 'खिड़की' का मंचन हुआ। नाटक का निर्देशन सिद्धार्थ अवस्थी ने किया है। नाटक को रिजॉड जेम्स ने लिखा और इसका अनुवाद सिद्धार्थ अवस्थी ने किया है। नाटक में दिखाया गया कि लोग हमेशा कहते हैं कि जो भी होता है वो ईश्वर करता है, इस संसार के बाहर भी कोई संसार है जहां बैठकर कोई सबकुछ रच रहा है।

नाटक की शुरुआत दो अजनबी लोगों के मिलने से होती है, जो एक अजान जगह में खो जाते हैं। ये लोग अपनी पुरानी यादें तक भूल जाते हैं। ये लोग इस जगह में एक घंटे तक परेशान होते हैं, लेकिन उनको कोई रास्ता वहां से निकलने का समझ में नहीं आता है। एक घंटे बाद उन्हें आखिर में यह लगने लगता है कि यह जो हो रहा है वो एक नाटक है और इस नाटक को कोई दूसरी दुनिया में बैठा रच रहा है। यदि यह नाटक है तो वो इसे जब चाहे खत्म भी कर सकता है। इसी संवाद के साथ नाटक का समापन हो जाता है।

नाटक में दिखाई गरीब और बदहाल लेखक की कहानी
नाटक के डायरेक्टर सिद्धाार्थ ने बताया कि इस नाटक को चुनने का कारण यह है कि इस नाटक की जो फिलोसोफी है वो कहीं न कहीं मेरी फिलोसोफी से मिलती है। ईश्वर है और वो ही सब कुछ कर रहा है। इस नाटक को मैंने एक महीने में तैयार किया। यह नाटक पहले 25 मिनट का था, जिसे अनुवाद के दौरान कई चेंज करके मैंने एक घंटे का किया। इसमें कई चेंज तो ऑन स्टेज हुए। नाटक में लाइव संगीत दिया है।

लेखक चीजों को देख तुक्का लगाने लग जाता

वहीं, नाटक खिड़की का मंचन जितेंद्र कुमार के निर्देशन में किया गया। नाटक का लेखन एमपीएसडी के पहले बैच के स्टूडेंट विकास बाहरी ने किया। नाटक में एक लेखक की कहानी दिखाई गई है, जो गरीबी और बदहाली का जीवन जी रहा है। बचपन में ही इसके माता-पिता भी खत्म हो जाते हैं। समय के साथ लेखक चीजों को देख तुक्का लगाने लग जाता है और वो फिर सच भी होने लग जाती है।

लेखक एक प्रेम कहानी लिख रहा होता है, जिसमें एक लड़की एक लेखक से मिलती है वो उसे पसंद करने लग जाती है। लड़की का पहले से भी कोई प्रेमी होता है। लेकिन दोनों की मुलाकात होते होते दोनों को प्रेम हो जाता है। जिसके बाद लड़की लेखक को बताती है कि 20 दिन पहले एक बाबा ने उससे कहा था कि 20 दिन बाद वेदिका को उसका वेद मिल जाएगा और वहीं होता है कि आप मुझे मिल गए। जिसके बाद लेखक को समझ आता है कि वो जो कहानी लिख रहा था उसका किरदार वो खुद है।

Published on:
15 Apr 2019 08:33 am