
भोपाल। प्रदेश की पंचायतों में विकास कार्यों के मामले में आदिवासी जिला पंचायतें (जिपं) सबसे आगे हैं। अधिकांश जिलों में 16 हजार से अधिक सड़क, पुल-पुलिया, सामुदायिक भवन, नाली निर्माण, चबूतरा सहित अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। पंचायतों ने इस वर्ष के आखिरी तक सभी विकास कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। कई जिलों में इन में से 60 फीसदी काम पूर्ण भी किए जा चुके हैं।
पंचायतों में पांच लाख से अधिक विकास कार्य होने हैं। कामों के प्रस्ताव ग्राम पंचायतों से ही बनाकर जिला पंचायतों को भेजे गए हैं। दो दर्जन जिलों में दस हजार से अधिक काम प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें ज्यातर गांव के अंदर की सड़के और पुल पुलिया है।
ये सड़कें उन गांवों में बनाई जा रही हैं, जिनकी आबादी दो सौ से कम हैं। इसके अलावा प्राधानमंत्री ग्रामीण सड़क से मजरे-टोलों को जोडऩे की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्कूल, पंचायत भवन, अथवा बाजार की एप्रोच रोड बनाए जा रहे हैं। दूसरे नम्बर पर नाली निर्माण और सामुदायिक भवनों के निर्माण का काम है। पंचायतों में सभी पांच लाख काम दिसम्बर के आखिरी तक पूरे करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं।
भोपाल सहित एक दर्जन जिला पंचयतों ने 8 हजार से मांगे काम
भोपाल सहित प्रदेश के एक दर्जन जिलों ने 8 हजार से कम कामों की मांग की है। हालांकि भोपाल में सिर्फ 187 गांव हैं, इसमें ज्यातार गांव शहरों में तब्दील हो गए हैं। इसके अलावा कई ऐसे गांव के नीमच, अलीराजपुर, शाजापुर सहित कई ऐसे जिला पंचायतें हैं, जहां पर गांवों में काम कराने के संबंध में 7 हजार से कम प्रस्ताव भेजे गए हैं। जबकि इन जिला पंचायतों को मार्च से पहले ही अधिक से अधिक विकास कार्यों की योजना बनाकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पास भेजने के लिए कहा गया था।
-----
काम मांगने के मामले में टॉप पांच जिला पंचायतें
जिला -----विकास कार्यों की संख्या
छिंदवाड़ा------19540
सतना -------19887
सागर -----18941
खरगोन-----16703
उज्जैन------17422