Twisha Sharma Death Case: टि्वशा शर्मा केस में सास गिरिबाला सिंह से सीबीआई ने पूछे कई प्रश्न....जानिए क्या मिले जवाब
Twisha Sharma Case Updates: एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा मौत मामले में लगातार सीबीआई जांच कर ही है। अब इस मामले में घटना के सीन का रिक्रिएशन कराया जाएगा। जिसकी तैयारी की जा रही है। इसके लिए आरोपी समर्थ सिंह और उसकी मां रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को उनके घर ले जाया जाएगा, जहां सीबीआई घटनाक्रम को दोबारा समझने और दोनों के बयानों का सत्यापन करने की कोशिश करेगी।
साथ ही साथ सीबीआई पहले ही रिटायर्ड जज के घर का मुआयना कर चुकी है और दोनों के शुरुआती बयान भी दर्ज कर चुकी है। अब उन बयानों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर क्रॉस चेक और वेरिफिकेशन करेगी। शुरुआत में दोनों से अलग-अलग पूछताछ होगी। इसके बाद जिन सवालों के जवाबों में विरोधाभास मिलेगा, उन्हें आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी।
बीते 2 दिनों से जारी पूछताछ में सीबीआई ने केस डायरी में दर्ज गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए यह जानने की कोशिश की कि कई गवाह और परिवार के सदस्य लगातार प्रताड़ना और क्रूरता के आरोप क्यों लगा रहे हैं ? साथ ही एजेंसी ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों का भी जिक्र किया। जांच अधिकारियों ने पूछा कि ट्विशा के शरीर पर मिले कथित मृत्यु-पूर्व चोटों के निशान कैसे आए और उस समय परिवार के सदस्य मौके पर मौजूद थे या नहीं।
साथ ही यह भी जानने का प्रयास किया गया कि ये चोटें शव को संभालने की सामान्य प्रक्रिया से मेल क्यों नहीं खातीं। सूत्रों के मुताबिक, इन सभी सवालों का सास गिरिबाला ने स्पष्ट कोई भी जवाब नहीं दिया। वे गुमराह करती रही। साथ ही कई सारे प्रश्न पूछने के दौरान वे काफी समय बिल्कुल ही खामोश रहीं।
इस पूरे मामले में एक बड़ा बड़ा एंगल भी सामने आया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, ट्विशा के नाम पर 20 लाख के शेयर्स थे। ट्विशा के मायके पक्ष का आरोप है कि पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह इन शेयरों को अपने नाम पर जबरन ट्रांसफर करवाना चाहते थे। सीबीआई अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि क्या इन वित्तीय संपत्तियों को लेकर हुआ विवाद ही ट्विशा की मौत की मुख्य वजह बना। इससे जुड़े भी कई प्रश्न पूछे जा चुके हैं।
सीबीआई की सक्रियता बयानों से लेकर साक्ष्य जुटाने तक के काम में नजर आ रही है। जांच अधिकारी पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से वारदात के संबंध में कई जवाब मांग रहे हैं। स्थिति ये है कि टीम ने गिरिबाला व समर्थ से पूछताछ के लिए 50 से ज्यादा सवाल तैयार किए हैं। दोनों से उनके जवाब पूछ रही है। समर्थ सिंह की फरारी को गिरिबाला सिंह अपनी गलती मान चुकी है पर सीबीआई उनके जवाब से संतुष्ट नहीं है।
इस पूरे मामले में अब सीबीआई जांच करेगी कि टि्वशा फंदे तक कैसे पहुंची। टीम ने ट्विशा की लंबाई और वजन के अनुरूप एक डमी तैयार कराई है। इसी के जरिए घटनास्थल पर रीक्रिएशन किया जाएगा। एजेंसी जांचेगी कि समर्थ और गिरिबाला ने पुलिस को जो घटनाक्रम बताया था, वह मौके की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों से मेल खाता है या नहीं।
घटनास्थल पर रीक्रिएशन कराकर एंजेसी ये जानना चाहती है कि संबंधित सामग्री कितना वजन सहन कर सकती थी और क्या घटनास्थल पर मिले तथ्यों के अनुरूप वह परिस्थितियां संभव थीं, जिनका दावा मां-बेटे कर रहे हैं। सीबीआई अधिकारियों का मानना है कि सीन रिक्रिएशन से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था और आरोपियों के बयान उपलब्ध साक्ष्यों से कितने मेल खाते हैं।