Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा केस में नया विवाद, सास गिरिबाला सिंह ने ट्विशा की मौत के अगले दिन कई जजों को किया था कॉल, सीसीटीवी फुटेज समेत कई सबूत मिटाने की आशंका, सीएम मोहन यादव ने दिया आश्वासन हर संभव मदद करेगी सरकार
Twisha Sharma Case: राजधानी भोपाल के ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में फोन कॉल्स के नये खुलासे ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। ट्विशा शर्मा केस (Twisha Sharma Case) में अब सामने आया है कि भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा की मौत 12 मई को हुई थी। उसके अगले दिन 13 मई को गिरिबाला ने कई जजों को फोन कॉल किया था। ट्विशा के पिता ने 46 मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं, जिनमें से एक नंबर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज का बताया गया है।
Twisha Sharma Case में नंबरों की इस लिस्ट ने एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। इन नंबर्स में भी सबसे ज्यादा और लगातार कॉल जिस नंबर पर किए गए वह भोपाल के ही एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज का है। वहीं एक नंबर मध्य प्रदेश की एक जांच एजेंसी में पदस्थ जस्टिस का बताया जा रहा है। इस फोन नंबर पर भी उसी दिन कई बार बात की गई।
इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज इंस्टॉल करने वाले युवकों विनोद वाणी और रोहित विश्वकर्मा के नंबर भी इस लिस्ट में दिए गए हैं। इन्हें भी ट्विशा की मौत के अगले दिन कॉल किए गए। यही नहीं इनसे 13 मई को कई बार बात की गई। दरअसल मामले (Twisha Sharma Case) में सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ की बात भी सामने आ रही है। इसीलिए अब इन कॉल्स को भी छेड़छाड़ से जोड़कर देखा जा रहा है।
इधर 15 मई को एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पति समर्थ फरार है। पुलिस कई जगह दबिश दे चुकी है। कमिश्नर के आदेश पर उस पर रखी गई इनामी राशि जहां पहले 10 हजार रुपए थी अब उसे बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दिया गया है।वहीं कोर्ट ने 23 मई तक समर्थ को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि इस मामले में बुधवार को ट्विशा के परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) से मुलाकात की। परिजनों ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं सीएम ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार मामले में हर संभव मदद करेगी।
उधर ट्विशा के पिता ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके अलावा उन्होंने गिरीबाला को भी उसके पद से हटाने की मांग की है। बताते चलें कि गिरिबाला वर्तमान में जिला उपभोक्ता आयोग भोपाल बेंच 2 की अध्यक्ष हैं।
बता दें कि बुधवार को भोपाल कोर्ट ने ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग खारिज कर दी है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता ने कहा कि एम्स भोपाल में हुआ पहला पोस्टमार्टम नियमानुसार हुआ है। रिकॉर्ड में ऐसे कोई प्रमाण नहीं मिले हैं जिससे मेडिकल टीम और आरोपियों के बीच मिलीभगत साबित हो। आशंकाओं के आधार पर दोबारा पोस्टमार्टम उचित नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि परिजन दिल्ली में दूसरा पोस्टमार्टम कराना चाहते हैं, लेकिन इस संदर्भ में आदेश देने का अधिकार उनके पास नहीं है। यही नहीं कोर्ट ने शव संरक्षण को लेकर भी चिंता जाहिर की। एम्स में शव माइनस 4 डिग्री पर रखा है, जबकि उसे जरूरत है माइनस 80 डिग्री कीष कोर् ने कटारा हिल्स थाना प्रभारी को बड़े मेडिकल संस्थानों में ऐसी सुविधा जुटाने के निर्देश भी दिए हैं।