20 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘पुलिस को क्यों नहीं बुलाया?’ शरीर पर चोट के निशान क्यों? ट्विशा शर्मा के परिवार ने मांगे जवाब

Twisha Sharma Death Mystery- भोपाल में त्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में त्विशा के परिवार के सवालों का जवाब क्या मिल पाएगा...।

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

May 20, 2026

Twisha Sharma Death Mystery

twisha sharma death case- क्या इन्हें मालूम नहीं कि ऐसे मामले में तुरंत पुलिस को बुलाना चाहिए? जहां इनका घर है वहां से कुछ ही मीटर दूर पुलिस चौकी है, लेकिन पुलिस को उस वक्त कोई सूचना नहीं दी गई। आखिर ये लोग क्या छुपाना चाहते थे…? अगर यह आत्महत्या थी तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर इतने निशान कैसे आए?

यह दर्द एक पिता का है जिसकी बेटी की शादी को पांच माह भी नहीं हुए थे और उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में बेटी त्विशा शर्मा की आत्महत्या की खबर के बाद से ही नवनिध शर्मा परेशान और हैरान हैं। त्विशा की संदिग्ध मौत मामले से ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं, जिसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। उन सवालों का जवाब मिलना चाहिए। त्विशा के ससुराल वालों ने पुलिस को तुरंत क्यों नहीं बुलाया? उन्होंने सबूतों से छेड़छाड़ के भी आरोप लगाए।

शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना बताया गया, लेकिन शरीर पर कई चोटों के निशान और नीले निशान किस बात की ओर इशारा करते हैं। त्विशा के परिवार की मांग के बाद इस मामले में एसआईटी गठित की गई, जिसके प्रमुख एसीपी रजनीश कश्यप इन्हीं आरोपों की जांच कर रहे हैं। टीम परिवार की ओर से दिए गए वाट्सअप और प्रताड़ना के आरोपों की जांच कर रही है।

त्विशा का परिवार इसे इसे हत्या बता रहे तो सोमवार को ही त्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने प्रेस से यह दावा किया था कि त्विशा मानसिक और चिकित्सकीय समस्या से ग्रस्त है। इस मामले में गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई थी और आरोपी बेटा समर्थ सिंह की जमानत निरस्त हो गई और वो फरार है। उस पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है।

गिरिबाला फोन कर सकती थी

इस मामले में त्विशा के बड़े भाई मेजर हर्षित शर्मा कहते हैं कि पुलिस को पहला फोन हम लोगों ने किया था, उन्होंने नहीं। जैसा कि उनका दावा है कि वे त्विशा को बचाने की जल्दी में थे। जो सीसीटीवी सामने आया है, उसमें स्पष्ट दिख रहा है कि गिरिबाला सिंह शांत तरीके से सीढ़ियों से ऊपर-नीचे जाती दिख रही हैं। वो पुलिस को फोन कर सकती थीं। उन्होंने पुलिस को फोन क्यों नहीं किया। उनके पास न्यायिक प्रक्रिया की सभी जानकारी थीं, हमें यहां पहुंचकर FIR दर्ज कराने में तीन दिन लग गए। 15 मई को सुबह दर्ज हुई। उससे पहले ही उनकी एंटीसिपेटरी बेल की अर्जी भी लग चुकी थी। उनका कहना है कि अभियुक्त परिवार का लोकायुक्त, न्यायपालिका और चिकित्सा क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है। भाई हर्षित और पिता नवनिधि शर्मा दोनों ही इसे हत्या का मामला बता रहे हैं। नवनिधि शर्मा का कहना है कि हम एक बहुत बड़े सिस्टम से लड़ रहे हैं।