
ट्विशा के परिवार ने 40 नंबरों की कॉल डिटेल मांगी है।
Twisha Sharma Death Case: मिस पुणे रही मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा (त्विशा) शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में ट्विशा के परिवार ने कोर्ट में याचिका दायर कर 40 से ज्यादा मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (cdr) की मांग की है। उनका आरोप है कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है और जांच को प्रभावित किया जा रहा है। इसके अलावा दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम कराए जाने की भी मांग की है।
ट्विशा शर्मा की ससुराल में आत्महत्या के मामले में ट्विशा के परिवार का बयान सामने आया है। बुधवार को बयान जारी करते हुए परिवार का कहना है कि किसी प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान से एक स्वतंत्र चिकित्सा राय मिलने से जांच में जनता का विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी। इस संबंध में एक अर्जी मंगलवार को मजिस्ट्रेट अनुदिता गुप्ता के समक्ष दायर की गई थी। जिस पर भोपाल में बुधवार को सुनवाई हो रही है।
परिवार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य ट्विशा की मृत्यु से जुड़ी संदिग्ध परिस्थितियों के संबंध में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और महत्वपूर्ण फोरेंसिक सबूतों को सुरक्षित रखना है। त्विशा का शव पिछले आठ दिनों से AIIMS भोपाल में रखा हुआ है। परिवार को चिंता है कि और अधिक विलंब होने से निष्कर्षों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा का कहना है कि हमने यह अर्जी केवल इसलिए दायर की है कि उनकी मृत्यु के वास्तविक कारण और परिस्थितियों के बारे में कोई संदेह न रहे। परिवार की तरफ से ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर भी अनेक आरोप लगाए जा रहे हैं। परिवार ने उन पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया, साथ ही मृत्यु से पहले की आखिरी कॉल के बाद नई जांच की मांग की।
अपनी अर्जी में परिवार ने 40 से अधिक मोबाइल नंबरों से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन, अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, इंटरनेट लॉग, वाट्सअप और अन्य डिजिटल सबूतों को तत्काल सुरक्षित रखने और उनका फोरेंसिक संरक्षण करने की भी मांग की।
परिवार ने कहा कि यदि गिरिबाला सिंह खुद को निर्दोष मानती हैं, तो उन्हें AIIMS दिल्ली में दूसरी बार पोस्टमार्टम कराने का समर्थन करें। ट्विशा के पिता का कहना है कि सभी फोरेंसिक प्रक्रियाएं पूरी हो जाने के बाद पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शांतिपूर्वक और पूरे सम्मान के साथ किया जा सकता है।
ट्विशा की सास और सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह ने ट्विशा की बीमारी का दावा किया है कि 'उसके अंदर 2 लोग रहते थे', उसे 'स्किज़ोफ्रेनिक, परेशान व्यक्तित्व' वाली बीमारी है।
परिवार ने इस बात की भी आशंका जताई कि प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा की गई रुकावट या देरी के कारण शव के सड़ने-गलने से सबूत नष्ट हो सकते हैं। परिवार का कहना है कि ट्विशा अब इस दुनिया में नहीं है, इसलिए वह अपने ऊपर लगाए जा रहे सार्वजनिक आरोपों का बचाव नहीं कर सकती।यह भी सवाल उठाया कि जब किसी मामले में प्रभावशाली लोग शामिल होते हैं, तो क्या आम लोगों को कानून के तहत कोई सुरक्षा मिलती है?
Updated on:
27 May 2026 04:08 pm
Published on:
20 May 2026 03:47 pm
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