20 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी में नई ‘ट्रांसफर पॉलिसी’ लागू, इन 3 बीमारियों से ग्रसित कर्मचारियों को मिलेगी राहत

Mohan Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश में नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू हो गई है। आज मोहन कैबिनेट की मीटिंग में प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है। लिए गए कई अहम फैसले.....

2 min read
Google source verification
Mohan Cabinet Decisions:

Mohan Cabinet Decisions: (Photo Source - Patrika)

Transfer Policy 2026: मध्यप्रदेश सरकार (Government of Madhya Pradesh) ने मोहन कैबिनेट की बैठक में वर्ष 2026 की नई स्थानांतरण नीति को मंजूरी दे दी। नई नीति के अनुसार प्रदेश में 1 जून 2026 से 15 जून 2026 तक अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए जाएंगे। इस अवधि में विभागीय स्तर पर ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बता दें कि सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय भेजा था। सीएम और मंत्रियों की सहमति के बाद नीति को अंतिम रूप दिया गया।

A+ ट्रांसफर 31 मई तक करने के निर्देश

सरकार ने सभी विभागों को मुख्यमंत्री के A+ श्रेणी वाले तबादले 31 मई तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्वयं के व्यय पर होने वाले तबादलों और पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने से जुड़े मामलों को निर्धारित तबादला सीमा से बाहर रखा गया है। स्वयं की गंभीर बीमारी वाले मामलों में भी विशेष छूट दी गई है।

इन पर नहीं लागी होगी नीति

पुलिस सेवा
प्रशासनिक सेवा
न्यायिक सेवा
वन सेवा
मंत्रालय के कर्मचारी

ऐसे होंगे ट्रांसफर

  • किसी भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का ट्रांसफर विभागाध्यक्ष करेंगे।
  • कोई भी विभाग अपनी जरूरत के हिसाब से अलग नियम बना सकते हैं
  • ट्रांसफर करने के लिए मुख्यमंत्री और सामान्य प्रशासन विभाग की मंजूरी जरूरी होगी।
  • बड़े अधिकारियों के ट्रांसफर मंत्री के आदेश से होंगे।

इन मामलों में होंगे ट्रांसफर

जो भी अधिकारी या कर्माचारी किसी गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, लकवा, हृदयाघात और अन्य आकस्मिक चिकित्सा से जुड़ा है उन्हों विशेष परिस्थितियों में प्रतिबंध अवधि के दौरान भी तबादलों की अनुमति होगी।

इसके अलावा न्यायालय के आदेश, गंभीर शिकायतें, अनुशासनात्मक कार्रवाई, लोकायुक्त और आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में भी तबादले किए जा सकेंगे। निलंबन, त्यागपत्र या सेवानिवृत्ति से खाली हुए पदों को भरने के लिए भी ट्रांसफर किए जाएंगे। राजस्व विभाग में जिले के भीतर डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के अनुभाग परिवर्तन और पदस्थापना प्रभारी मंत्री के परामर्श से की जाएगी।

तबादलों की सीमा भी तय

  • जिस भी विभाग में 200 तक कर्मचारी हैं, वहां कुल कर्मचारियों के 20 प्रतिशत तक तबादले किए जा सकेंगे।
  • 1 हजार कर्मचारियों वाले विभागों में 40 कर्मचारियों के साथ अतिरिक्त 15 प्रतिशत तक तबादले की अनुमति होगी।
  • 2 हजार कर्मचारियों वाले विभागों में 160 कर्मचारियों के साथ अतिरिक्त 10 प्रतिशत तक तबादले किए जा सकेंगे।
  • 2 हजार से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में 260 कर्मचारियों के साथ अतिरिक्त 5 प्रतिशत तक तबादले की सीमा तय की गई है।