
Bhopal Twisha Sharma Case: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के घर में चोरी की कोशिश हुई। शनिवार रात दो चोर घर में घुसे और जेवरों के साथ गिरिबाला और समर्थ सिंह से जुड़े अहम दस्तावेज चोरी करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस की सक्रियता के चलते चोर अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए और पुलिस के पहुंचने पर जेवरात और दस्तावेज छोड़कर फरार हो गए।
शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात ट्विशा शर्मा केस की आरोपी गिरिबाला सिंह के कटारा हिल्स क्षेत्र स्थित मकान में चोरी की कोशिश की गई। बताया गया है कि घर में गिरिबाला सिंह के भाई मौजूद थे लेकिन इसके बावजूद चोर घर के पिछले हिस्से घर में दाखिल हुए। चोर घर से जेवरात और अहम दस्तावेजों की फाइल लेकर भागने ही वाले थे लेकिन तभी इलाके में गश्त कर रही पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनकर चोर घबरा गए और जेवरात और दस्तावेज छोड़कर भाग निकले।
देखें वीडियो-
बताया जा रहा है कि पुलिस ने चोरों का पीछा करने की कोशिश भी की लेकिन चोर भागने में सफल रहे। पुलिस ने गिरिबाला सिंह के घर में चोरी और माल की जब्ती की पुष्टि की है। जो दस्तावेज चोर चुराने की फिराक में थे वो गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से जुड़े हुए हैं। खबरें हैं कि पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस ने नहीं की है।
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ट्विशा शर्मा केस में अभी न्यायिक हिरासत जेल में बंद हैं। इसी बीच गिरिबाला के घर में चोरी की कोशिश की इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि 12 मई की रात ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। महज चंद माह बाद ही 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा अपने ससुराल के टेरेस पर फंदे से लटकी मिली थी। गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद मामला तब उलझा जब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। आरोप है कि उन्होंने काफी समय न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन लगाकर मामला प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्विशा के परिवार और ससुराल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप और लड़ाई में करीब 12 दिन तक ट्विशा का शव एम्स की मार्चुरी में रखा रहा। अब मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है और कोर्ट में कानूनी लड़ाई चल रही है ।