भोपाल

ट्विशा शर्मा मामला: भोपाल एम्स नहीं MANIT में कराया गिरिबाला सिंह का मेडिकल, रातभर होगी पूछताछ

Twisha Sharma case: करीब साढ़े 6 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह को भोपाल MANIT के गेस्ट हाउस लेकर आई सीबीआई की टीम।
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May 28, 2026
Twisha Sharma case Giribala singh taken to MANIT instead of AIIMS for medical
Giribala singh taken to MANIT instead of AIIMS for medical (फोटो-Patrika.com)

Twisha Sharma case:भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा केस के लिए गुरूवार 28 मई का दिन अहम रहा। बुधवार-गुरूवार देर रात हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद शाम करीब 5:10 बजे सीबीआई ने अमले में आरोपी सास गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) गिरफ्तार कर लिया। साढ़े 6 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद मामले में आरोपी सास और पूर्व जज गिरिबाला को सीबीआई ने अपनी हिरासत में लिया। सुबह 10 बजे सीबीआई के अधिकारी गिरिबाला और समर्थ के घर पहुंचे थे। अब शुक्रवार सुबह गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

भोपाल के MANIT गेस्ट हाउस में गिरिबाला, हुआ मेडिकल

बता दें कि, शाम को सीबीआई (CBI) ने आरोपी गिरिबाला सिंह को उनके घर से गिरफ्तार कर मैनिट के गेस्ट हाउस (MANIT Guest House) में रखा गया। सीबीआई ने भोपाल में कैंप ऑफिस की मांग की थी। भोपाल एम्स की जगह मैनिट में ही गिरिबाला सिंह का मेडिकल कराया गया। विशेष मेडिकल दल ने गिरिबाला सिंह का मेडिकल किया। मेडिकल कराने के बाद उन्हें सीबीआई ऑफिस ले जाया गया। यहां भी गिरिबाला से पूछताछ की जाएगी। बताया जा रहा है कि देरी के चलते आरोपी सास को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। अब गिरिबाला सिंह को कल सुबह 11 बजे रिमांड कोर्ट में पेश किया जाएगा।

हाईकोर्ट ने रद्द की अग्रिम जमानत

वहीं बीते दिन मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व न्यायिक अधिकारी गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। देर रात फैसले पर विचार हुआ और गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने देर रात 17 पन्नों का आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा- मामले की गंभीरता, सबूत और जांच की स्थिति को देखते हुए आरोपी पक्ष को राहत देना उचित नहीं था।

कोर्ट ने मौत से पहले की चोटें को गंभीर माना

इस मामले में मध्य प्रदेश के एडवोकेट जनरल (AG) प्रशांत सिंह ने कहा कि हाई कोर्ट ने इस मामले में कुछ बातों को गंभीरता से लिया है, जैसे ट्विशा शर्मा के शरीर पर मौत से पहले की सात चोटें, जो एक गंभीर अपराध की ओर इशारा करती हैं; कई नोटिसों के बावजूद गिरिबाला सिंह का सहयोग न करना; और वाट्सअप चैट, जो ट्विशा शर्मा के मानसिक उत्पीड़न की ओर संकेत करती हैं। इन सभी बातों को देखते हुए, हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम ज़मानत खारिज कर दी है। अब यह CBI को तय करना है कि हिरासत में पूछताछ की ज़रूरत है या नहीं।"

Updated on:
28 May 2026 09:28 pm
Published on:
28 May 2026 09:28 pm