
Twisha Sharma Case Updates: एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में बीते दिन सीबीआइ ने जिला कोर्ट भोपाल में चालान पेश कर दिया। 636 पेज के चालान में 150 गवाहों के बयान हैं। ट्विशा की सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला और वकील पति समर्थ सिंह पर दहेज हत्या, उत्पीड़न, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं पर आरोपी बनाया गया है। रिटायर्ड जज गिरिबाला और जांच से जुड़े अफसरों के मोबाइल कॉल डिटेल की जांच की मांग भी की गई है।
ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई जांच में इस बात का खुलासा भी हुआ है कि सास गिरिबाला के बड़े बेटे की पूर्व पत्नी दिव्या सिंह को भी शादी के बाद मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। बताया गया कि बच्चा न होने और नौकरी को लेकर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया। इन्हीं कारणों से भी बड़े बेटे का भी पत्नी से रिश्ता टूट गया था। बाद में तलाक हो गया। समर्थ ने गिरिबाला से कथित तौर पर कहा था- 'पहली वाली को भी अपने बांझ कहकर भगा दिया।' जांच के मुताबिक, अप्रैल 2026 में ट्विशा गर्भवती हुई थीं। पति के व्यवहार और मानसिक तनाव के चलते गर्भपात कराने का फैसला लिया। डॉक्टरों की सलाह पर मई की शुरुआत में गर्भपात की दवाएं लीं। इसके बाद सास व पति ने लगातार ताने मारे।
सीबीआइ के मुताबिक ट्विशा फरवरी 2025 में ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए समर्थ सिंह के संपर्क में आई थीं। 9 दिसंबर 2025 को दिल्ली में शादी हुई। ट्विशा भोपाल स्थित ससुराल में रहने लगीं। आरोप है कि शादी के बाद समर्थ उन्हें उनके पुराने रिश्तों और मॉडलिंग-एक्टिंग करियर को लेकर अपमानित करता था। चार्जशीट में ट्विशा के परिजनों और अन्य लोगों के बयानों के आधार पर पति द्वारा अभद्र और आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का उल्लेख है। सास गिरिबाला भी कई बार बेटे का पक्ष लेती थीं और दोनों के बीच विवाद में ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
बता दें कि ट्विशा की दोनों पोस्टमार्टम में मौत का कारण फांसी से दम घुटना बताया गया। एम्स दिल्ली की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसे आत्महत्या बताया गया और किसी गंभीर मारपीट के निशान नहीं मिले। फिलहाल हत्या कर जान लेने का आरोप नहीं, बल्कि आत्महत्या के लिए मजबूर करने और मानसिक क्रूरता का आरोप चार्जशीट का मुख्य आधार है। वहीं दहेज की मांग और दहेज मृत्यु के पहलू की आगे जांच जारी है। ट्विशा का आईफोन, घर के डीवीआर और आरोपियों की आवाज के फोरेंसिक परीक्षण की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
जानकारी के लिए बता दें कि ट्विशा की 12 मई को मौत हुई थी। शव कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित ससुराल में फंदे पर मिला था। पिता और मायके पक्ष की शिकायतों पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था। जांच सीबीआइ को सौंपी गई। तब से गिरिबाला, समर्थ केंद्रीय जेल में बंद हैं। 3 माह जांच के बाद सीबीआइ ने चालान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की कोर्ट में पेश किया।
-12 मई को ट्विशा का शव फंदे पर मिला। मौत के हालात को लेकर जांच शुरू हुई।
-मामले से जुड़े तथ्यों, परिस्थितियों और आरोपों की जांच आगे बढ़ी। दस्तावेज और बयान जुटाए गए।
-जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो ने संभाली। संबंधित लोगों से पूछताछ के साथ उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया।
-जांच के बाद रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ को मामले में आरोपी बनाया गया।