Twisha Sharma Death Case: टि्वशा शर्मा मामले में पुलिस ने समर्थ से कई सवाल किए। समर्थ ने उनके जवाब भी दिए हैं...
Twisha Sharma Case Updates: मध्यप्रदेश में भोपाल के चर्चित मामले में टि्वशा शर्मा केस में जांच अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन CBI ने अपने हाथ में ले ली है। टि्वशा की मौत का मामला अब अपने सबसे अहम मोड़ पर पहुंच गया है। ससुराल में हुई उनकी मौत से जुड़े आरोपों की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
सोमवार को, CBI ने भोपाल पुलिस द्वारा पहले दर्ज की गई एफआईआर को फिर से रजिस्टर किया और ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया। CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट की एक टीम दिल्ली से भोपाल पहुंची और स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक इकट्ठा की गई केस डायरी, पुलिस दस्तावेज़, बयान, मेडिकल कागज़ात और अन्य सबूतों को अपने कब्ज़े में ले लिया।
यह मामला दहेज से जुड़ी मौत की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, क्योंकि पुलिस की पिछली जांच में कथित तौर पर ऐसे सबूत मिले थे जिनसे दहेज की मांग का संकेत मिलता है। CBI की एफआईआर में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के प्रमुख रजनीश कश्यप कौल को शिकायतकर्ता के तौर पर नामित किया गया है।
लेकिन जैसे-जैसे जांच की कमान दूसरे हाथों में जा रही है, अब सारा ध्यान इस बात पर टिक गया है कि समर्थ सिंह ने तीन दिनों तक चली लगभग 10 घंटे की पूछताछ के दौरान पुलिस को क्या बताया, और उनकी कही बातों में से कितनी बातें व्हॉसएप चैट, मेडिकल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और परिवार के आरोपों के सामने सही साबित होती हैं।
पुलिस अब इस दावे की पुष्टि करने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड और सहायक दस्तावेज़ इकट्ठा कर रही है। लेकिन यहीं से यह मामला और भी ज़्यादा उलझ रहा है। खबरों के मुताबिक, ट्विशा के मैसेज से पता चलता है कि समर्थ ने उसकी प्रेग्नेंसी पर शक ज़ाहिर किया था और बच्चे के पिता होने पर सवाल उठाया था। यह उस छवि के बिल्कुल उलट है जो समर्थ ने जांचकर्ताओं के सामने पेश करने की कोशिश की थी कि वह और उसकी मां बच्चा चाहते थे, जबकि ट्विशा गर्भधारण के समय से ही भावनात्मक रूप से परेशान थी। "मैं और मेरी मां बच्चा चाहते थे, लेकिन ट्विशा को गर्भधारण के बाद से ही परेशानी होने लगी थी," समर्थ ने पुलिस को बताया।
हालांकि, ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि मानसिक इलाज और दवाए तभी शुरू की गईं, जब प्रेग्नेंसी से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। उन्होंने यह भी दावा किया है कि इस दौरान ट्विशा का वज़न लगभग 15 किलोग्राम कम हो गया था।पूछताछ का एक और अहम पहलू ट्विशा की मानसिक सेहत पर केंद्रित था। समर्थ ने पुलिस के सामने दावा किया कि ट्विशा बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित थी और उसका बर्ताव अचानक बदल जाता था।
बाद में उसने जांचकर्ताओं को बताया कि उसके बर्ताव और बातचीत के तरीके में अचानक आए बदलावों की वजह से वह खुद भी परेशान रहती थी और उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया था। समर्थ के मुताबिक, डॉक्टर ने उसे 'एडजस्टमेंट डिसऑर्डर' होने की बात कही थी।
बीते दिन शाम करीब 7:30 बजे SIT की टीम समर्थ सिंह को बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित उसके घर लेकर पहुंची। इस दौरान यहां समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की गई और स्पॉट वेरिफिकेशन कराया गया। बता दें भोपाल पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया था। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा के परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया, जबकि ससुराल पक्ष का दावा है कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थीं।
ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब CBI ने अपने हाथ में ले ली है। भोपाल पुलिस की FIR को री-रजिस्टर कर पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया। CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट की टीम दिल्ली से भोपाल पहुंची और पुलिस अधिकारियों से केस डायरी, दस्तावेज व अन्य सबूत जुटाए।
बीते दिन जब एसआईटी समर्थ सिंह को स्पॉट वेरिफिकेशन के लिए घर लेकर गई उस दौरान ट्विशा का लैपटॉप, समर्थ सिंह का लैपटॉप, उसके दो मोबाइल फोन और पासपोर्ट जब्त किए गए। सवाल यह है कि जिन लैपटॉप और मोबाइल फोन में चैट, कॉल डिटेल, मेल, लोकेशन और घटना से पहले-बाद की अहम जानकारी हो सकती थी, उन्हें 13 दिन तक जब्त क्यों नहीं किया गया।