
Rajyasabha Chunav- मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल में टूट का खतरा है। राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने तीसरा उम्मीदवार भी उतार दिया है जिससे क्रास वोटिंग की आशंका बढ़ गई है। कांग्रेस की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के पक्ष में एकजुट बनाए रखने के लिए विधायकों की बाड़ाबंदी की कवायद चालू हो गई है। इसके लिए कांग्रेस के दो नेता दिल्ली रवाना हुए हैं। बताया जा रहा है कि भोपाल के विधायक आरिफ मसूद और पूर्व विधायक कुणाल चौधरी दिल्ली गए हैं। विधायक मसूद को मैनेजमेंट का दायित्व सौंपा गया है। दरअसल राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए बीजेपी ने महेश केवट का नाम घोषित कर दिया है। वे सोमवार को ही अपना नामांकन दाखिल करेंगे। बीजेपी द्वारा उम्मीदवार उतार दिए जाने से प्रदेश में राज्यसभा का मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इससे कांग्रेस में क्रास वोटिंग की आशंका है।
राज्यसभा चुनाव में संभावित क्रॉस वोटिंग और विधायकों में टूट को रोकने के लिए कांग्रेस ने सक्रियता बढ़ा दी है। इसी रणनीति के तहत पार्टी नेतृत्व ने विधायक आरिफ मसूद और राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी को दिल्ली भेजा है। दोनों नेता वहां पहुंचकर विधायकों को सुरक्षित रखने और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं करेंगे।
प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी पहले ही विधायकों की खरीद फरोख्त की आशंका जता चुके हैं। उन्होंने कहा है कि बीजेपी के पास इसके लिए पैसों का अथाह भंडार है।
भाजपा के उम्मीदवार महेश केवट अभी मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं। वे लंबे समय से संघ की विचारधारा से जुड़े हुए हैं।
ओरछा के रहने वाले महेश केवट का नाम रविवार देर रात घोषित किया गया। सीएम हाउस में सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने बैठक में राज्यसभा की तीसरी सीट जीतने के लिए रणनीति भी बनाई।
बीजेपी की यह चाल कांग्रेस को भारी पड़ सकती है। राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर पार्टी में क्रास वोटिंग की आशंका है।
ऐसे में विधायकों की दिल्ली से शिफ्टिंग की तैयारी चल रही है। इसके लिए मसूद और कुणाल चौधरी को दिल्ली भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में रणनीति तय होने के बाद मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायकों को तेलंगाना भेजा जा सकता है।
कांग्रेस नेता यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि उनके कुनबे में किसी भी तरह की सेंधमारी न हो। किसी भी तरह की टूट या क्रॉस वोटिंग को रोकने के लिए पार्टी अपने विधायकों को कांग्रेस की पूर्ण बहुमत वाली सरकार वाले राज्य में शिफ्ट करने की तैयारी में लगी है।