उच्च शिक्षा विभाग के यूजी कोर्स में पहले चरण की प्रवेश प्रकिया जारी है लेकिन स्टूडेंट्स के लिए सालभर की एक साथ फीस देना भारी पड़ रहा है
Admission in MP Colleges: उच्च शिक्षा विभाग के यूजी कोर्स में पहले चरण की प्रवेश प्रकिया चल रही है। इसके साथ ही एकमुश्ति फीस का मुद्दा भी गरमाने लगा है। काउंसलिंग प्रक्रिया से प्रवेश लेने वाले उन छात्रों को एकमुश्त फीस जमा करने की दिक्कतें आ रही है, जिन्हें प्राइवेट कॉलेज या सरकार के स्ववित्तीय पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलता है।
इन कॉलेजों में सीट आवंटित होने पर उन्हें 20 हजार से लेकर कोर्स के मुताबिक 80 हजार रुपए तक जमा करना पड़ रहे हैं। यही कारण है कि यूजी के पहले राउंड में अब तक आवंटित सीटों पर मुकाबले आधे विद्यार्थियों ने भी फीस जमा नहीं की है। विभाग ने 25 मई को 1.25 लाख विद्यार्थियों को सीटें आवंटित की थीं। पांच दिन में मात्र 40 हजार 300 विद्यार्थियों ने ही फीस जमा की है। इसकी आखिरी तारीख 3 जून है। ऐसे में 84 हजार छात्रों के पास फीस जमा के लिए 3 दिन का समय बचा है।
बीएड सहित एनसीटीई के 9 कोर्सों की 69 हजार 780 सीटों पर प्रवेश के लिए काउंसलिंग की जा रही है। पहले राउंड में 43 हजार से अधिक सीटों का आवंटन जारी किया था। इसमें से 20 हजार छात्रों ने ही प्रवेश लिया, करीब 23 हजार स्टूडेंट्स ने फीस जमा नहीं की थी। ऐसे में अब इन छात्रों को दूसरे राउंड की काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होना होगा। पहले राउंड की काउंसलिंग के साथ सेकंड राउंड भी शुरू कर दिया है। सेकंड राउंड में अब तक 40 हजार स्टूडेंट्स ने नए रजिस्ट्रेशन कराए हैं।
कॉलेज पंसद नहीं आने की स्थिति में स्टूडेंट्स को अपग्रेडेशन का ऑप्शन चुनना होगा। पहली सूची में ही बड़े कॉलेजों में कुछ विषयों की सीटें फुल हो जातीं हैं। ऐसे में छात्रों को मनपसंद कॉलेज नहीं मिल पाता।