UGC New Guidelines 2024: पुरानी व्यवस्था के तहत बीए या बीकॉम का छात्र एमएससी नहीं कर सकता था। एमएससी केवल मैथ या साइंस के विद्यार्थी कर सकते थे। अब ऐसा नहीं है।
UGC New Guidelines 2024: पोस्ट ग्रेजुएशन यानी मास्टर डिग्री (Master's Degree) की पढ़ाई का पूरा पैटर्न बदल गया है। यूजीसी ने इसके लिए नया करिकुलम फ्रेमवर्क जारी कर दिया है। छात्र अब पीजी में मनपसंद विषय चुन सकते हैं। यानी ग्रेजुएशन से हटकर विषय चुनने की सुविधा मिलेगी। उन्हें मेजर या माइनर की बाध्यता नहीं होगी। अब तक माइनर विषय से पीजी करने की सुविधा नहीं थी। ग्रेजुएशन में चार साल का ऑनर्स या रिसर्च के साथ ऑनर्स प्रोग्राम किया है तो पीजी की पढ़ाई एक साल में ही खत्म की जा सकेगी।
पुरानी व्यवस्था के तहत बीए या बीकॉम का छात्र एमएससी नहीं कर सकता था। एमएससी केवल मैथ या साइंस के विद्यार्थी कर सकते थे। अब ऐसा नहीं है। यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक बीए वाला छात्र भी चाहे तो एमएससी कर सकता है। उसे एंट्रेंस टेस्ट या पर्याप्त क्रेडिट हासिल करना होगा। यूजीसी ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
नेशनल हायर एजुकेशन क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएचईक्एफ) के तहत डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट के लिए जरूरी योग्यताएं तय करना होगी। पीजी प्रोग्राम के लिए लेवल 6 (120 क्रेडिट) 6.5 (160 क्रेडिट) और 7 (160 क्रेडिट) तय किए गए हैं।
एमवीएम के प्रोफेसर डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि पीजी फ्रेमवर्क को नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क के साथ जोड़ा जा रहा है। छात्रों को असाइनमेंट दिए जाएंगे। उन्हें क्रेडिट जमा करने होंगे। इसके लिए कॉलेज में पढऩे वाले लगभग सभी छात्रों की एबीसी आइडी तैयार कराई गई है, जिसमें क्रेडिट ट्रांसफर करने और उनका इस्तेमाल करने का हिसाब किताब होगा।