
Bhopal News : हालही में तीन दिवसीय रीवा, सतना और पन्ना दौरे पर गए मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सोमवार को राजधानी भोपाल लौटे हैं। यहां उन्होंने अपने तीन दिनों के दौरे को लेकर सामने आई बिंदुओं के आधार पर मीडिया के समक्ष अहम चर्चा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उमंग सिंघार ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर प्रेस कॉन्फ्रेंस से संबंधित जानकारी साझा करते हुए कहा कि, रीवा, सतना और पन्ना दौरे के उपरांत भोपाल स्थित आवास पर पत्रकार साथियों को संबोधित किया। इस दौरान दौरे में सामने आई जनसमस्याओं, स्थानीय मुद्दों और प्रदेश की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
एक अन्य पोस्ट में सिंघार ने कहा कि, 'आदिवासी, दलित और किसानों के घर उजाड़कर प्लांट लगाना चाहती है भाजपा सरकार! ग्रामीण विस्थापन के विरोध में जल सत्याग्रह कर रहे हैं, अपने हक और जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार कागजों में फर्जीवाड़ा कर रही है। ग्रामीणों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें उजाड़ने पर आमादा है। आखिर विकास के नाम पर गरीबों के घर और अधिकार छीनना कब बंद होगा?
उन्होंने कहा कि, 'हम विकास के नाम पर हो रहे विनाश का हम विरोध करते हैं! भाजपा सरकार ने न पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का समुचित आकलन किया और न ही जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया। घनी आबादी के बीच न्यूक्लियर पॉवर प्लांट लगाकर सरकार लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को गंभीर खतरे में डाल रही है। जनहित और पर्यावरण की अनदेखी कर थोपा जा रहा यह प्रोजेक्ट स्वीकार्य नहीं है।'
उन्होंने आगे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री मोहन यादव मोदी-शाह के दबाव में काम कर रहे हैं! भाजपा सरकार नियमों की धज्जियां उड़ाकर मध्य प्रदेश में न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाना चाहती है। स्थानीय लोगों की चिंताओं और पर्यावरणीय सुरक्षा को दरकिनार कर सरकार जनता के स्वास्थ्य को जोखिम में डाल रही है। सरकार स्पष्ट करे कि आखिर क्यों नियमों को ताक पर रखकर रीवा में न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाया जा रहा है?