
Umang Singhar : देशभर की तरह इन दिनों मध्यप्रदेश में भी आंदोलनों, प्रदर्शनों आदि की बाढ़ सी आ गई है। प्रदेशभर में नित नए मामलों पर धरना दिए जा रहे हैं, चक्काजाम किया जा रहा है। राजधानी भोपाल भी इनसे अछूती नहीं है। शनिवार को तो कुछ महिलाएं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगले पर ही पहुंच गईं। वे ‘मामा का घर’ घेरकर बैठी रहीं। इस घटना पर कांग्रेस हमलावर हुई है। रविवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरा। उन्होंने कहा कि इस घटना से साबित होता है कि राज्य की महिलाएं बीजेपी नेताओं के झूठे वादों से परेशान हो चुकी है।
कांग्रेस नेता व मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आंगनवाड़ियों में खाना बनाने वाली रसोइयों की आवाज उठाई है। उन्होंने कहा है कि इन महिलाओं को बहुत कम मेहनताना मिल रहा है। ऐसे में गुजर बसर मुमकिन नहीं है। उमंग सिंघार ने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में समान काम के लिए बेहतर मानदेय मिलता है। उन्होंने यह असमानता दूर करने की बात कही।
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मध्यप्रदेश की महिलाएं अब झूठे वादों से परेशान हो गई हैं। इन्हीं बहनों ने ‘मामा का घर’ घेरा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला करते हुए उमंग सिंघार ने उनपर मुख्यमंत्री रहते हुए बड़े-बड़े ऐलान करने लेकिन अमल नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 3 साल बाद भी आंगनवाड़ियों में खाना बनाने वाली रसोइयों को सिर्फ ₹2000 महीना मानदेय मिल रहा है। जबकि केरलम में इस काम के ₹12000 से अधिक राशि मिलती है।
झूठे वादों से परेशान लाड़ली बहनों ने घेरा ‘मामा का घर’!
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने मुख्यमंत्री रहते हुए बड़े-बड़े ऐलान किए, लेकिन आज 3 साल बाद भी आंगनवाड़ियों में खाना बनाने वाली रसोइयों को सिर्फ ₹2,000 महीना मानदेय मिल रहा है। जबकि केरलम में आंगनवाड़ी रसोइयों को ₹12,000 से अधिक मिलते हैं।
आखिर मध्यप्रदेश की मेहनतकश बहनों के साथ यह भेदभाव क्यों?