भोपाल

MP विधानसभा में UCC पर संग्राम, बिल पेश होते ही कांग्रेस का विरोध, मंगलवार को निर्णायक चर्चा

Uniform Civil Code Madhya Pradesh- मध्यप्रदेश विधानसभा में यूसीसी बिल का कांग्रेस ने किया विरोध, UCC बिल पर गरमाई। सदन के भीतर भी हंगामा और बाहर भी विरोध प्रदर्शन...। अगले तीन दिन हंगामे के आसार...।
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Jul 20, 2026
Uniform Civil Code (UCC) in madhya pradesh

Madhya Pradesh UCC Bill-मध्यप्रदेश की विधानसभा में सोमवार को भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक 2026 पटल पर रख दिया। सरकार के इस कदम पर सत्ता पक्ष ने इसे ऐतिहासिक बताया है, वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल ने इस बिल को पेश कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगा। भारी विरोध और आक्रामक तेवरों के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस बिल को रिकार्ड पर ले लिया। अब इस संवेदनशील और अहम बिल पर सदन में मंगलवार को चर्चा होगी, जिससे अगले तीन दिन बेहद गरम हो सकते हैं।

काले कपड़ों में किया विपक्ष ने विरोध

बिल का प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस विरोधकर रही है। कांग्रेस विधेयक आतिफ अकील सदन में काले कपड़े पहनकर आए थे, जिस पर राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक के इस अंदाज पर भोपाल हुजूर से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने उनके इस रवैये पर बेहद तल्ख टिप्पणी की। रामेश्वर ने कहा कि यूसीसी लागू होने से उन मुल्ला-मौलवियों को घबराहट हो रही है जो इसके बाद हलाला, तीन-चार शादियां और तीन तलाक जैसी प्रथाओं को अंजाम नहीं दे पाएंगे। रामेश्वर ने यह भी कहा कि कांग्रेस भी इन्हीं तत्वों की भाषा बोल रही है। आतिफ अकील काले कपड़े पहने या पीले, इससे सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन प्रदेश में अब किी भी तरह के काले कारनामे नहीं चल पाएंगे।

तीन राज्यों में यूसीसी

देश में अब तक तीन राज्यों में यूसीसी लागू हो चुका है। इसमें फरवरी 2024 में उत्तराखंड, मार्च 2026 में गुजरात और मी 2026 में असम में समान नागरिक संहिता को लागू किया जा चुका है। अब मध्यप्रदेश देश का चौथा राज्य बनने जा रहा है, जहां यूसीसी होगा।

क्या बोले गौतम टेटवाल

गौतम टेटवाल ने मीडिया से कहा कि यहां अलग-अलग पंथों और समुदायों के लोग रहते हैं और उनके रीति-रिवाज अलग-अलग हैं। सभी के लिए एक जैसे रीति-रिवाज और विवाह संस्कार होने चाहिए और उन्हें ठीक वैसे ही किया जाना चाहिए जैसे वे होने चाहिए। इस्लाम में निकाह (विवाह) के मामले में, ऐसे उदाहरण हैं जहाँ एक पुरुष कई महिलाओं से शादी करता है और महिलाओं को उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है… अब, शादी तभी होगी जब बेटी 18 साल की और बेटा 21 साल का हो जाएगा और शादी का रजिस्ट्रेशन कराना ज़रूरी होगा। शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और जोड़े से पैदा होने वाले बच्चों को अपने पिता की संपत्ति में समान अधिकार मिलेंगे और वे अपने पिता का नाम भी इस्तेमाल करेंगे। एक बार जब यह बिल कानून बन जाएगा, तो भारत में बेटियों और माताओं का सम्मान बढ़ेगा…"

क्या बोले आरिफ मसूद

UCC बिल 2026 पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि "उन्होंने इसे पेश तो किया, लेकिन कैसे? उन्होंने धोखे से ऐसा किया। चोर ऐसा ही करते हैं। यह सप्लीमेंट्री एजेंडा में नहीं था। अचानक इसे क्यों लाया गया? क्या ज़रूरत थी? इसे कल भी लाया जा सकता था; आख़िरकार, उन्होंने धोखे से ही तो सरकार बनाई है…"

यूसीसी पर क्या बोले आतिफ अकील

कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि "बाबासाहेब और संविधान ने हम सभी को आज़ादी दी है। चूंकि वह आज़ादी मिली हुई है, इसलिए जैसे ST समुदाय को UCC से छूट दी गई थी, वैसे ही मुसलमानों को भी छूट मिलनी चाहिए। इसके अलावा, मैंने मांग की थी कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। मैंने पिछले सत्र में भी यह बात उठाई थी। इस बार भी मैं यह बात उठा रहा हूं। दोनों ही कदम उठाए जाने चाहिए।"

क्या बोले उच्च शिक्षा मंत्री

मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा, "इस देश के लिए UCC की ज़रूरत थी। आज़ादी के समय से ही सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलने चाहिए थे। धर्म और जाति के आधार पर संपत्ति के अधिकारों में फ़र्क क्यों किया गया? एक समूह को कई बार शादी करने और बार-बार तलाक़ देने का अधिकार क्यों था, जिससे इतनी सारी महिलाओं की ज़िंदगी बर्बाद हो गई? ऐसे कानूनों से समाज में काफ़ी असंतोष फैल रहा था; यह बिल सभी नागरिकों के अधिकारों में संतुलन लाएगा और समानता सुनिश्चित करेगा…"

Updated on:
20 Jul 2026 05:45 pm
Published on:
20 Jul 2026 05:44 pm