प्रदेश के कई जिलों खाद को लेकर मचे हाहाकार के बीच आखिर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने स्वीकार कर लिया कि खाद की किल्लत है।
भोपाल. मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल सहित कई जिलों खाद को लेकर मचे हाहाकार के बीच आखिर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने खाद की कमी को स्वीकार कर लिया। तोमर ने कहा कि खाद का थोड़ा सा शॉर्टेज है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद के दाम बड़े हैं। वही किसानों को सब्सिडी देने के लिए मोदी सरकार कर रही है।
तोमर ने कहा कि सरकार कोशिश कर रही हैं कि डीएपी की आपूर्ति ठीक से हो सके। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि किसान डीएपी के अन्य विकल्पों पर भी विचार करें। तोमर से जब पूछा गया कि देश में पेट्रोल डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और महंगाई से लोगों की कमर टूट गई है तो तोमर ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है।
वही नरेंद्र तोमर ने कांग्रेस आरोप पर कहा कि कांग्रेस की आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति अप्रसांगिक हो गई है। देश में लम्बे समय से चल रहे कृषि कानून के विरोध और किसानों के आंदोलन पर तोमर ने कहा कि किसान कानून किसानों के हित के लिए लाया गया है। देशभर के अधिकतर किसान बिल के समर्थन में कुछ लोगों का बिल को लेकर मतभेद है। संवेदनशीलता के साथ उनसे चर्चा की जा रही है। उनके प्रस्तावों पर भी विचार मंथन जारी है।
उपचुनावों पर नरेंद्र तोमर ने कहा कि चुनावों की दृष्टि से संगठन ने व्यवस्थाएं की है सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी अपनी-अपनी जगह पर काम कर रहे हैं । वह भी खंडवा लोकसभा के दौरे पर जा रहे हैं। तोमर ने भरोसी जताया कि प्रदेश के उप चुनावों में बीजेपी की जीत होगी। मध्य प्रदेश में बाल अपराधों की श्रेणी में पहले पायदान आने के सवाल पर तोमर ने कहा कि इस प्रकार की रिपोर्ट आती रहती हैं सरकार को रिपोर्ट पर संज्ञान लेती है कार्यवाही भी करती है। इस समस्या से भी प्रदेश सरकार सोच रही होगी।