weather department warns of heavy rain - भारी बारिश की चेतावनी, दो दिनों तक रहेगी जारी2012 में एक से सात अगस्त तक 271 मिमी बारिश दर्ज
भोपाल. राजधानी में अगस्त महीने का आगाज बारिश ( rain ) से हुआ था और सात दिन से यह क्रम जारी है। शहर में छह साल बाद अगस्त के पहले सप्ताह में इतनी बारिश हुई है।
वर्ष 2012 में एक से सात अगस्त तक 271 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। इस साल सात अगस्त तक 127.2 मिमी बारिश हो चुकी है। राजधानी में बुधवार को 11 बजे बाद बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। तेज, कभी मध्यम बारिश ( heavy rain ) का दौर देर रात तक जारी रहा।
चेतावनी जारी ( heavy rain alert )
( meteorologist ) मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि प. बंगाल ( West Bengal ) ओडिशा ( Odisha ) पोस्ट पर कम दबाव का क्षेत्र गहरे अपदाब (डीप डिप्रेशन) में बदल गया है। सीजन के पहले डीप डिप्रेशन से पूर्वी व पश्चिमी मप्र ( madhya pradesh ) में भारी और अतिभारी बारिश हो सकती है। भोपाल में तेज बारिश का दौर दो दिनों तक जारी रहेगा।
अब तक बारिश
7 अगस्त तक 620.1 मिमी बारिश होनी थी, 866.1 मिमी हो चुकी है। यह 246 मिमी बारिश अधिक हुई है। जिले में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। पिछले सालों में 1 से 7 अगस्त तक इस तरह रहा बारिश का क्रम
डेढ़ डिग्री का अंतर
बुधवार को अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री तो न्यूनतम 24.4 डिग्री रहा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 27.3 व न्यूनतम 23.7 डिग्री था। एक दिन में अधिकतम तापमान में ढाई डिग्री की गिरावट आई है।
दिनभर रिमझिम, पर बड़े तालाब में सिर्फ 0.20 फीट का इजाफा
शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार रिमझिम बारिश के बावजूद बड़ा तालाब के जल स्तर में महज 0.20 फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बुधवार को तालाब 1664.20 फीट के स्तर पर पहुंचा। मंगलवार को ये 1664 फीट था। फुल टैंक लेवल पर आने में करीब ढाई फीट पानी की जरूरत है। उधर, कोलार डैम का जल स्तर बुधवार को 448.91 मीटर, केरवा डैम का जल स्तर 508.13 मीटर और कलियासोत डैम का जल स्तर 492 मीटर दर्ज किया गया।
तालाब के लिए मुहिम
शहर के कुछ प्रबुद्ध लोगों ने बड़े तालाब के संरक्षण के लिए अनूठी मुहिम शुरू की है। वे तालाब के आसपास और किनारे के गांव में रहने वालों से मिलकर निवेदन कर रहे हैं कि तालाब का जल स्तर 1666.80 फीट पर खुद चिह्नित करें। तालाब किनारे एफटीएल को लेकर विवाद हो तो किनारे रहने वाले चिह्नांकन में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वे खुद अतिक्रमणकारियों को एफटीएल के भीतर से खदेड़ सकते हंै।