Uniform Civil Code: असम और गुजरात के बाद मध्य प्रदेश भी UCC को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इसे लेकर सीएममोहन यादव ने मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। हालांकि, इसमें सबसे बड़ा सवाल आदिवासियों को लेकर है जिसपर नेता प्रतिपक्ष ने अहम सवाल खड़े किए हैं।
MP news: मध्य प्रदेश में अब समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने की तैयारी है। असम और गुजरात के बाद एमपी भी इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इसे लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे यूसीसी का अध्ययन करें। बताया जा रहे है कि विधानसभा के मानसून सत्र में यूसीसी को पेश किया जाएगा। हालांकि, सीएम मोहन यादव के यूसीसी वाले बयान के बाद विपक्ष हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यूसीसी लागू करने के फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि अगर यह यूसीसी लागू हो जाता है तो आदिवासी परंपराओं का क्या होगा?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मैं समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार से स्पष्ट जवाब चाहता हूं, क्या इसमें आप दलित और आदिवासियों को रखेंगे की नहीं रखेंगे। दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकार, परंपराएं और रीति-रिवाजों को अलग रखेंगे या साथ में रखेंगे' सिंघार ने आगे कहा कि यदि उनकी पहचान और अधिकारों की अनदेखी कर उन्हें एक समान ढांचे में जबरन समाहित किया गया, तो यह दलितों और मध्यप्रदेश के आदिवासियों के साथ अन्याय होगा। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगी और दलित एवं आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
उमंग सिंघार ने आगे भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि क्या सरकार यूसीसी को लेकर जनमत कराएगी? राज्य के आम जनता से राय ली जाएगी? उन्होंने कहा कि हर समाज राय ली जानी चाहिए कि UCC को लेकर क्या सोचते है।
सीएम मोहन यादव की घोषणा के बाद गृह विभाग ने यूसीसी को तैयारियां शुरू कर दी है। 6 महीने में ही राज्य में यूसीसी को लागू किया जा सके। इसके लिए मध्य प्रदेश को दिल्ली से भी संकेत मिल चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे विधानसभा के मानसून सत्र (जुलाई-अगस्त) में पेश किया जा सकता है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी जिसका प्रस्ताव अगली कैबिनेट में रखा जाएगा। यह समिति 45 दिनों में दोनों राज्यों के कानून के प्रावधान का अध्ययन कर के रिपोर्ट देगी। बताया जा रहा है कि राज्य में UCC दिवाली से पहले या साल के अंत तक लागू हो जाएगा। (MP news)