
Mahant Brijrajpuri maharaj death controversy in omkareshwar (फोटो- Patrika.com)
Mahant Brijrajpuri Maharaj death controversy: मध्य प्रदेश के खंडवा में एक संत की संदिग्ध मौत को लेकर छिड़े विवाद से इलाके में तनाव है। धर्मनगरी ओंकारेश्वर में गोदड़ अखाड़े के ट्रस्टी रहे संत बृजराजपुरी महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में प्रशासन ने गुरूवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समाधि को खुलवाकर मृत शरीर का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विधि-विधान से पुनः समाधि दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और मेडिकल टीम की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। इस संबंध में डॉ. रवि वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। इसके बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। (MP news)
मामला रविवार का है। इसी दिन सुबह महंत बृजराजपुरी महाराज की संदिग्ध परिस्तिथितियों में मौत हो गई थी। अखाड़े के लोगों ने बताया कि महंत की मौत हार्ट अटैक से हुई है और उन्हें दोपहर 2 बजे समाधि दे दी गई। इसी को लेकर संत समाज नाराज हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि महंत बृजराजपुरी की मौत संदिग्ध है। वहीं, गोदड़ अखाड़े से ही जुड़े खाचरोद से आए एक महंत ओंकारदास ने दावा किया कि उन्हें महंत बृजराजपुरी की मौत का कारण फांसी लगाना बताया गया था। ओंकारदास ने ये भी आरोप लगाया कि बृजराजपुरी महाराज द्वारा का सामान मौके से गायब था जिससे ये हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।
महंत ओंकारदास सहित संत समाज ने इसकी शिकायत मांधाता थाने में की और अपील की कि बृजराजपुरी महाराज के शव को समाधि से निकालकर उसका पोस्टमार्टम किया जाए। उन्होंने इस शिकायत में ये भी बताया कि महंत के दो मोबाइल फोन, गले की सोने की चेन और नगद राशि गायब है। इन तथ्यों के आधार पर हत्या की आशंका जताई गई है। महंत ओंकार दास ने कहा कि यदि समय रहते सच्चाई सामने नहीं आई, तो इससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हो सकती है।
मामले के तूल पकड़ते ही हिंदू महासभा भी संत समाज का समर्थन किया। उन्होंने बृजराजपुरी महाराज की संदिग्ध मृत्यु को लेकर हिन्दू महासभा ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। संगठन द्वारा कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि संत ने अपनी मृत्यु से पहले 73 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का खुलासा किया था और धार्मिक संपत्ति की सुरक्षा हेतु नया ट्रस्ट बनाने की बात कही थी। महासभा ने समाधि खुलवाकर पोस्टमार्टम और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, अपने निधन से 2 दिन पहले महंत ब्रजराजपुरी ने ट्रस्ट की 73 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में कथित हेरफेर का बड़ा खुलासा किया था। उन्होंने आरोप लगाए थे कि जमीन के कागजों में गड़बड़ी और नाम बदले गए है। इसके साथ उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें ट्रस्ट से झूठे केस में फंसाकर हटाया जा रहा है। इन आरोपों के बाद उनकी मृत्यु को और अधिक संदिग्ध माना जा रहा है। ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक स्थल पर संत की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। (MP news)
Published on:
09 Apr 2026 05:55 pm
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