बदलता रहता है वोटरों का मिजाज
भोपाल. लोकसभा चुनाव को लेकर इस बार सियासत का मिजाज जरा हटकर है। कांग्रेस और भाजपा प्रदेश में 15 साल बाद बराबरी के मुकाबले में दिख रही हैं। इससे पहले के तीन लोकसभा चुनावों में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस कमजोर रही है। पिछले 15 सालों के सियासी समीकरणों पर नजर डालें तो 13 लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा रहा है। दो सीटें कांग्रेस का गढ़ बनी रहीं। वहीं, 14 लोकसभा सीटों का मूड बदलता रहा है। कांग्रेस इस बार ये 14 सीटें हथियाना चाहती है। वहीं, इन सभी 14 सीटों पर भाजपा की भी पैनी नजर है। इनको बचाए रखने के लिए ही मौजूदा सांसदों का टिकट काटा जा रहा है। वह दूसरे चेहरों को चुनाव मैदान में उतार रही है।
- ये सीटें बदलती रही हैं
प्रदेश की 13 सीटों पर भाजपा या कांग्रेस का कब्जा रहा है। इनमें ग्वालियर, झाबुआ, शहडोल, मंडला, होशंगाबाद, राजगढ़, देवास, उज्जैन, मंदसौर, धार, सीधी, खरगोन और खंडवा शामिल हैं। रीवा में 2009 में बसपा के देवराज सिंह ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने इन सीटों को जीत की संभावना के आधार पर सॉफ्ट टारगेट माना है। इनके लिए विशेष प्लान भी तैयार किया है। वहीं, भाजपा भी इन सीटों पर फोकस कर रही है, उसको डर है कि कमजोर कडिय़ों के कारण ये डोलने वाली सीटें उसके पाले से खिसक न जाएं।
- ये सीटें कांग्रेस की पहुंच से दूर
प्रदेश की 13 लोकसभा सीटें डेढ़ दशक में कांग्रेस के हाथ नहीं लग पाई हैं। इनमें भोपाल, इंदौर, विदिशा, जबलपुर, मुरैना, भिंड, सागर, टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, बालाघाट और बैतूल शामिल हैं। प्रदेश की नौ सीटें भाजपा का गढ़ कहलाती हैं, जिनमें पांच पर 1989 से भाजपा का कब्जा है। इनमें भोपाल, इंदौर, विदिशा, भिंड, दमोह शामिल हैं। कांग्रेस इनको कठिन मानकर अपने दिग्गजों को उतार रही है।
- कांग्रेस के दो सुरक्षित किले
प्रदेश की छिंदवाड़ा और गुना सीट कांग्रेस के सुरक्षित किले माने जाते हैं। हालांकि, इनमें रतलाम भी शुमार है, लेकिन 2014 की मोदी लहर में कांतिलाल भूरिया ये किला हार गए थे। कुछ महीनों बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने फिर से जीत हासिल कर ली थी। गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार चार बार जीत चुके हैं, जबकि कमलनाथ छिंदवाड़ा से नौ बार सांसद रहे हैं।
कांग्रेस इस बार 23 से ज्यादा सीटें जीतने वाली है। लोगों का समर्थन पार्टी के साथ है।
- कमलनाथ, मुख्यमंत्री
भाजपा मिशन-29 पर काम कर रही है। लोग मोदी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं, इसलिए सभी 29 सीटें भाजपा जीतेगी।
- राकेश सिंह, अध्यक्ष, प्रदेश भाजपा