
Twisha Sharma Case Updates: एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह दोनों जेल में है। जानकारी के लिए बता दें कि दोनों की न्यायिक हिरासत को बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया गया। इस मामले में सीबीआई को चार्टशीट फाइल करने के लिए अभी कई टैस्ट की रिपोर्ट, कई लोगों के बयानों को लेना बाकी है।
बता दें कि अभी तक टि्वशा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। हालांकि अभी तक सूत्रों के मुताबिक जानकारी मिली थी कि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल चुकी है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं टि्वशा की प्रेग्नेंसी को लेकर भी चीजें क्लीयर होना बाकी है।
टि्वशा की प्रेग्नेंसी से जुड़ी तीन अलग-अलग थ्योरी लोगों के सामने आई है। हालांकि इनमें से कौन सी थ्योरी सही है इस पर सीबीआई की जांच चल रही है। टि्वशा की मौत को लेकर गर्भपात का एंगल सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पर टि्वशा के मायके पक्ष, ससुराल पक्ष और जांच के दौरान सामने आए बयानों में कई विरोधाभास दिखाई दे रहे हैं। सीबीआई अब गर्भपात से जुड़ी विभिन्न थ्योरियों की जांच कर रही है और चिकित्सकीय दस्तावेजों, डॉक्टरों के बयानों तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
ट्विशा की प्रग्नेंसी को को लेकर सास गिरिबाला सिंह ने कहा है कि ट्विशा बच्चा नहीं चाहती थी। उसने समर्थ को एक दिन भी पिता बनने की खुशी नहीं दी। मैं और समर्थ दोनों बच्चा रखना चाहते थे। उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि टि्वशा ने बिना बताए गर्भपात कराय़ा।
टि्वशा की प्रेग्नेंसी को लेकर घरवालों का कहना है कि उनका दामाद समर्थ नशे का आदी था। समर्थ के नशे की लत का असर आने वाले बच्चे पर भी पड़ सकता था। बेटी चाहती थी कि पहले समर्थ अपने नशे की आदत को छोड़कर सामान्य जीवन अपनाए।
प्रेग्नेंसी को लेकर टि्वशा के पति समर्थ का कहना है कि टि्वशा ने बिता बताए गर्भपात करा लिया। जबकि बाद में सीबीआई की पूछताछ में उसने कहा कि वो खुद टि्वशा को लेकर डॉक्टर के पास गया था। पूछताछ के दौरान समर्थ के बयानों में कई बार विरोधाभास देखा गया। अब इन तीनों ही एंगल से सीबीआई जांच कर रही है कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ बोल रहा है। इस सवालों के सही जवाबों से ही सच सामने आएगा।
नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। महज चंद माह बाद ही 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा अपने ससुराल के टेरेस पर फंदे से लटकी मिली थी।
गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद मामला तब उलझा जब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। आरोप है कि उन्होंने काफी समय न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन लगाकर मामला प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्विशा के परिवार और ससुराल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप और लड़ाई में करीब 12 दिन तक ट्विशा का शव एम्स की मार्चुरी में रखा रहा था।