
जगदलपुर/सुकमा/बीजापुर. माओवादियों के बंद का बस्तर में मिलाजुला असर देखने को मिला। शुक्रवार को माओवादियों के बंद के फरमान के बाद जहां पैसेंजर के पहिए जगदलपुर तक ही थम गए। वहीं एहतियात के तौर पर रात में रेल सेवा स्थगित कर दी गई। इधर संभाग मुख्यालय से जिला मुख्यालय तक दिन को बसों का संचालन सामान्य रहा, लेकिन ऑपरेटरों ने शाम को बसें नहीं चलाई। वहीं जिला मुख्यालय से अंदरूनी क्षेत्रों में जाने वाली ज्यादातर बसें नहीं चली। बंद के चलते मुसाफिरों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। अपनी मंजिल तक पहुंचने की चाह में उन्होंने रात यात्री प्रतीक्षालय में गुजारी।
माओवादी बंद का असर जिला मुख्यालय तक चलते वाली बसों पर नहीं पड़ा। बस ऑपरेटरों ने इस ओंर भी सुरक्षा के लिहाज से केवल शाम चार बजे तक ही बसों का संचालन किया। क्योंकि यहां से किसी भी इलाके में जाने के लिए केवल बस ही एक मात्र साधन है। इसलिए यात्री परेशान रहे। कुछ देर इंतजार करने के बाद यात्री प्रतीक्षालय में ही अपना बिस्तर बिछाया और सो गए। शाम करीब सात बजे यहां का नजारा किसी धर्मशाला सा नजर आ रहा था।
अंदरूनी इलाकों में चलने वाली बसों के पहिए थमे रहे
माओवादी दहशत का असली असर जिला मुख्यालय से अंदरूनी इलाकों की तरफ चलने वाले सड़क मार्ग में देखने को मिला। सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा ओर कोंडागांव से अंदरूनी इलाकों में चलने वाली बसों के पहिए थमे रहे। सुकमा से जगदलपुर , दंतेवाडा, कोंटा के लिए यहां से रोजाना 30 से अधिक यात्री बसें चलती है। शुक्रवार को केवल 4 से 5 ही बसें चल सकीं। इतना ही नहीं इन अंदरूनी इलाकों के हाट-बाजार भी नहीं भरे। इससे लोगों को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ा।
किए चार आईईडी निहष्क्रय
बंद के दौरान माओवादियों ने जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए आईईडी भी प्लांट किया था। जवानों की सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया। जवानों ने 4 जगहों पर आईईडी बरामद कर मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया।
दरअसल बंद के चलते अंदरूनी इलाकों में सर्चिंग तेज कर दी गई। शुक्रवार को जब सीआरपीएफ 168 वीं बटालियन के जवान सर्चिंग पर निकले हुए थे, तभी बासागुड़ा और तर्रेम के बीच दो प्रेशर बम बरामद किया। उधर सारकेगुड़ा के पास के जंगल में भी सुरक्षा बलों ने दो बम बरामद किए। सभी चारों आईईडी बम को उन्होंने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।