CG Naxal Threat: कल जहां नक्सली छत्तीसगढ़ सरकार से बात करने के लिए राजी थे आज उन्ही नक्सलियों ने सरकार के खिलाफ परचा फेंका है।
CG Naxal Threat:छत्तीसगढ़ में नक्सली पर्चे ने एक बहार फिर दहशत का माहौल बना दिया है। घरवापसी की बात करने के बाद नक्सलियों द्वारा फेंके गए इस पर्चे ने सनसनी फैला दी है। बस्तर में सन्नाटा छाया हुआ है। कल जहां नक्सली छत्तीसगढ़ सरकार से बात करने के लिए राजी थे आज उन्ही नक्सलियों ने सरकार के खिलाफ परचा फेंका है।
दरअसल, पीडिया में हुए नक्सली-पुलिस के हुए मुठभेड़ को माओवादियों ने फर्जी बताया। बता दें की, इस हमले में 10 खूंखार नक्सली ढेर हुए थे। वहीं मुठभेड़ स्थल से जवानों ने ऑटोमैटिक हथियार बरामद किया था। 10 नक्सलियों के ढेर से भड़के माओवादी अब बस्तर के उत्पात मचा रहे है। (CG Naxal Threat) नक्सलियों ने पर्चे में बीजापुर बंद करने की धमकी दी है। साथ ही पर्चे में लिखा कि, प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री आदिवासी विरोधी है।
नक्सलियों ने एक बार फिर बस्तर में उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। बीजापुर में बन रहे सड़क को तोड़ दिया है। नक्सलियों ने आवापल्ली से उसूर जने वाले मार्ग पर उत्पात मचाया है। (CG Naxal Threat) नक्सलियों ने सड़क को काट दिया और पर्चे फेंका है। बीजापुर के एसपी चंद्रकांत गर्वना ने जानकारी दी कि नक्सलियों ने बस्तर में दो तीन जगह की सडकों को तोड़ दिया और जगह-जगह बैनर-पोस्टर फेंका है। इस पर जवानों ने कार्रवाई की है। सूचना मिलते ही जवानों की टीम घटनास्थल पहुंची और सड़क को ठीक किया गया है। फिलहाल सड़क से आवागमन शुरू हो गया है।
नक्सली हिंसा का खात्मा करने जवान बस्तर में सर्जिकल स्ट्राइक चला रहे है। मुखबिरी द्वारा नक्सलियों के जंगल में छिपे होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबल तुरंत एक्शन में आ रहे है। (CG Naxal Threat) रात पर एम्बुंश चलाने के बाद जवान सुबह होते ही नक्सलियों से भीड़ रहे है। चार दशकों में पहली बार जवानों का पलड़ा भारी देखकर माओवादी प्रशासन से बात करके हिंसा को खत्म करने के लिए तैयार है।
चार दशकों में पहली बार ऐसा हुआ है कि नक्सलियों पर जवानों ने इतनी बड़ी कार्रवाई की है। जवानों ने स्पेशल ऑपरेशन चलाकर चाकर महीने में ही 110 नक्सलियों को मार गिराया है। (CG Naxal Threat) इसमें कई नक्सलियों पर लाखों का इनाम था। वहीं जवान मुठभेड़ स्थलों से भी भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामान बरामद कररहे है।
एक तरफ जहां जवान-नक्सली मुठभेड़ हो रही है वहीं दूसरी और सुरक्षाबल बस्तर के हार एक गांव में अभियान चला रहे है। बस्तर के चप्पे-चप्पे में तैनात होकर जवानों ने कैंप खोला है। नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर साधारण जीवन जीने के लिए जवान बस्तर के हर इलाके में अभियान चला रहे है। इससे प्रभावित होकर कई नक्सलियों ने हिंसा का राह छोड़कर आत्मसमर्पण किया है।
समूचे बस्तर में फोर्स के जवानों का मनोबल भी इस वक्त काफी ऊंचा है। कांकेर जिले के माड़ इलाके में बीते महीने 16 तारीख को हुई मुठभेड़ में जवानों ने 29 नक्सलियों को जब मार गिराया तो इसे फोर्स की सबसे बड़ी सफलता बताया गया। नारायणपुर जिले में मंगलवार को हुई मुठभेड़ में भी जवानों ने बेहद सुनियोजित तरीके से 10 नक्सलियों को मारा।
नक्सलियों का खात्मा करने जवानों ने कार्रवाई तेज कर दी है। एक तरफ जो नक्सली आत्मसमर्पण करना चाहते है उनके लिए पुलिस अधिकारी बस्तर के इलाकों में जा-जाकर अभियान चला रहे है। पुलिस द्वारा अभियान चलाने से नक्सली प्रेरित होकर आत्मसमर्पण कर रहे है। वहीं कुछ आतंकी जंगलों में छिपकर उत्पात मचा रहे है। इन आतंकियों के लिए जवान घने जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन चला रहे है। बता दें कि 100 दिनों में जवानों ने मुठभेड़ में 105 आतंकियों को मार गिराया है।
बस्तर में नक्सलियों का खात्मा करने जवान तेजी से ऑपरेशन चला रहे है। एक और बस्तर के चप्पे-चप्पे में अभियान चलाकर नक्सलियों को आम जिंदगी जीने का मौका दे रहे है। जवानों के अभियान से प्रभावित होकर बहुत से नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं दूसरी और जंगलों में जवान छिपे हुए खूंखार नक्सलियों पर भी कड़ी कार्रवाई कर रहे है। इस कार्रवाई में जवानों ने बड़ी सफलता प्राप्त की है। चार दशक में पहली बार जवान 131 दिनों में 103 नक्सलियों को ढेर किया है।