
आकाशीय बिजली गिरने से मवेशियों की मौत (photo source- Patrika)
Lightning Strike Death: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला में एक बार फिर मौसम की मार ने ग्रामीणों की जिंदगी पर गहरा असर डाला है। भैरमगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उसपरी में रविवार शाम अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी। तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से 9 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे तीन किसान परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। पहले तेज हवाएं चलीं, फिर गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान अचानक गिरी आकाशीय बिजली ने खेतों और खुले स्थानों पर मौजूद मवेशियों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना इतनी तेज और भयावह थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और 9 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई।
इस दर्दनाक हादसे में लच्छू राम माड़वी के 5, दासुराम ओयाम के 2 और विक्रम जायसवाल के 2 मवेशियों की जान चली गई। ग्रामीणों का कहना है कि उनके लिए मवेशी सिर्फ पशु नहीं, बल्कि आजीविका का मुख्य आधार होते हैं। खेती-किसानी के साथ-साथ दूध उत्पादन और अन्य कार्यों में यही मवेशी परिवार की आर्थिक रीढ़ होते हैं। ऐसे में एक ही झटके में इतनी बड़ी क्षति होना उनके लिए गहरा सदमा और आर्थिक संकट लेकर आया है।
घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है। लोग अब बदलते मौसम और लगातार बढ़ रही आकाशीय बिजली की घटनाओं को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे जान-माल का खतरा लगातार बना हुआ है।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू किया। प्रियंका बंजारे ने बताया कि पशुहानि का प्रकरण तैयार कर लिया गया है और शासन की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में हो रहे तेजी से बदलाव और बढ़ती आकाशीय बिजली की घटनाएं जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकती हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षा उपायों को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है। खुले मैदानों में मवेशियों को बांधकर रखने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रखने, बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या खुले क्षेत्रों से दूर रहने जैसी सावधानियां भविष्य में ऐसे हादसों को कम कर सकती हैं।
कुल मिलाकर, बीजापुर जिले की यह घटना न सिर्फ प्राकृतिक आपदा का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण जीवन किस तरह मौसम पर निर्भर है। प्रशासन द्वारा मुआवजा प्रक्रिया शुरू किए जाने से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन इस तरह की घटनाएं ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को लंबे समय तक प्रभावित करती हैं।
Published on:
21 Apr 2026 10:40 am
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