Mission 2026: बीजापुर-भोपालपट्टनम जिले में नेशनल पार्क के जिस सेंड्रा इलाके में मुठभेड़ हुई वहां पर टेकमेटा की पहाडिय़ों में नक्सली मौजूद थे।
Mission 2026: छत्तीसगढ़ के बीजापुर-भोपालपट्टनम जिले में नेशनल पार्क के जिस सेंड्रा इलाके में मुठभेड़ हुई वहां पर टेकमेटा की पहाडिय़ों में नक्सली मौजूद थे। जवानों ने लंबी प्लानिंग के बाद नक्सलियों पर हमला किया। सूत्रों ने बताया कि पहले जवानों ने पहाड़ी की संभावित एक्जिट को ब्लॉक किया फिर फायरिंग शुरू कर दी। नक्सली समझ ही नहीं पाए कि जवान कैसे उन तक पहुंच गए।
CG Naxal Encounter: नक्सली ऐसी जगह पर मौजूद थे जहां उनकी मौजूदगी भी काफी मुश्किल मानी जाती है। ऐसे में जवानों के पहुंचने से नक्सली भौचक्का रह गए। एसटीएफ, डीआरजी और बस्तर फाइटर के जवानों ने पहाड़ी को घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। बताया जा रहा है कि चार घंटे की हैवी फायरिंग के बाद ही नक्सलियों की तरफ से जवाबी फायरिंग बंद हो गई। जवान जब आगे बढ़े तो उन्हें अलग-अलग जगह पर नक्सलियों की लाशें बिखरी हुई मिलीं। शेष@पेज 6
बीजापुर जिले में नेशनल पार्क नक्सलियों का सबसे कोर इलाका माना जाता है। सेंड्रा में बड़े नक्सलियों की मौजूदगी के इनपुट के आधार पर फोर्स ने 6 फरवरी को ऑपरेशन लांच किया था। चार दिन तक नक्सलियों को घेरने जवान जंगलो में डेरा डाले हुए थे। जंगलो में घुसे जवान नक्सलियों को घेरने लगातार रणनीति बना रहे थे।
बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने सोमवार को बीजापुर में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान शामिल थे। एसटीएफ, डीआरजी और बस्तर फाइटर के जवानों ने अपने पराक्रम का परिचय देते हुए 31 नक्सलियों को ढेर कर दिया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में महाराष्ट्र की सी 60 फोर्स शामिल नहीं थी।
बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद मौके पर खून के धब्बे के साथ शवों को घसीटने के निशान हैं। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि मुठभेड़ में 31 के अलावा और नक्सली मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह से मुठभेड़ खत्म होने के बाद भी जंगल में सर्चिंग चल रही है।
मुठभेड़ में मारे गए 31 नक्सलियों में डिवीसीएम वेस्ट बस्तर डिवीजन कमेटी सचिव हूंगा कर्मा भी शामिल है। वे बस्तर में कई बड़ी नक्सली वारदात का मास्टर माइंड रहा है। उसकी मौत के बाद नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा हैं। नेशनल पार्क इलाके में वह लंबे समय से सक्रिय था। बस्तर पुलिस बाकी नक्सलियों की शिनाख्त करने में भी जुटी हुई है।