
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का रहने वाला हरविंदर सिंह (32 वर्ष), जो 2017 में हल्दौर नगर निकाय का निर्दलीय वार्ड पार्षद रह चुका है, एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। लेकिन इस बार सकारात्मक नहीं, बल्कि शातिर अंतरराज्यीय चोर के रूप में।
मंगलवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर में रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच में एक महिला यात्री का पर्स चुराने की कोशिश करते पकड़े जाने के बाद हरविंदर सिंह ने पुलिस को चकमा देने के लिए सिहोरा रोड स्टेशन के पास खितौला इलाके के एक गहरे, काई और शैवाल से भरे तालाब में कूद लिया। वहां वह करीब 5 घंटे तक पानी की तह में पूरी तरह डूबा रहा और सांस लेने के लिए कमल की डंठल (कमल-नाल) का पाइप की तरह इस्तेमाल करता रहा। आखिरकार गोताखोरों की मदद से आरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने उसे घनी काई के बीच से ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया।
ट्रेन सिहोरा रोड स्टेशन के पास धीमी हुई तो हरविंदर सिंह ने एसी कोच में महिला का पर्स खींचने की कोशिश की। आरपीएफ जवानों की नजर पड़ते ही वह ट्रेन से कूदकर भागने लगा। पुलिस के पीछा करने पर वह तालाब में घुस गया। रात के अंधेरे और घनी शैवाल की वजह से वह पुलिस की आंखों से ओझल हो गया।
खितौला थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने जब रेस्क्यू शुरू किया तो पाया कि आरोपी पानी की सतह पर नहीं है। उसने खुद को पूरी तरह डुबो रखा था और केवल कमल की डंठल के जरिए बाहर से ऑक्सीजन ले रहा था। करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद हरविंदर सिंह ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने खुद को बबलू बताया और पता चंडीगढ़ बताया। लेकिन आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब को शक हुआ। उन्होंने 2018 में सेव किए गए एक पुराने वांटेड चोर के फोटो को याद किया और आरोपी को उसके पुराने नाम ‘सनी’ से पुकारा। आरोपी सन्न रह गया और अपनी असलियत उगल दी।बिजनौर कनेक्शन और आपराधिक इतिहासजांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी हरविंदर सिंह उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का निवासी है। वह 2017 में बिजनौर के हल्दौर नगर निकाय से निर्दलीय वार्ड पार्षद रह चुका है।
पुलिस के अनुसार वह अब तक देशभर में 400 से ज्यादा चोरियां कर चुका है। वह मुख्य रूप से ट्रेनों के एसी कोच को निशाना बनाता था। टीसी से बचने के लिए बाथरूम में छिप जाता और बिना टिकट सफर करता था। 2018 में उसके पास से 70 लाख रुपये के हीरे-जवाहरात बरामद हुए थे।
उसने अवंतिका एक्सप्रेस से एक यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल और नकदी भी चुराई थी। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मुंबई समेत कई राज्यों में दर्जनों मामले हैं। वह हर वारदात के बाद सिम बदल लेता था और कभी कोई पहचान पत्र साथ नहीं रखता था। फिलहाल जबलपुर आरपीएफ और स्थानीय पुलिस हरविंदर सिंह से अन्य चोरी की वारदातों के बारे में विस्तार से पूछताछ कर रही है।